देहरादून, 8 जून (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब 1650 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा देहरादून-पांवटा साहिब फोरलेन हाईवे (NH-72) अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।
44.8 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद देहरादून से पांवटा साहिब की दूरी तय करने में करीब पौने दो घंटे के बजाय सिर्फ 35 मिनट का समय लगेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को इस हाईवे के जल्द चालू होने की जानकारी साझा की।
सीएम धामी ने बताया कि हाईवे का 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक से बन रही यह सड़क न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि दोनों राज्यों के बीच व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
यमुना पर पुल और प्रेमनगर में फ्लाईओवर
यह फोरलेन मार्ग हिमाचल के सिरमौर जिले को सीधे उत्तराखंड की राजधानी से जोड़ता है। इसका रूट पांवटा साहिब से शुरू होकर औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई और प्रेमनगर होते हुए देहरादून के बल्लूपुर चौक तक आता है।
सफर को सुरक्षित बनाने के लिए यमुना नदी पर 1.17 किलोमीटर लंबा नया पुल तैयार किया गया है। इसके अलावा, प्रेमनगर जैसे व्यस्त इलाकों में स्थानीय जाम की समस्या को खत्म करने के लिए अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए गए हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन
इस हाईवे की सबसे अहम खूबी इसका दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ना है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देहरादून में 12 किलोमीटर लंबा एक नया एक्सेस-कंट्रोल्ड बाइपास भी तैयार कर रहा है।
यह बाइपास झाझरा से शुरू होकर पांवटा साहिब-बल्लूपुर हाईवे को सीधे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ेगा। इसके बनने से हिमाचल या सेलाकुई से आने वाले वाहन देहरादून शहर के ट्रैफिक में जाए बिना, आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे।
उद्योग और चारधाम यात्रा को मिलेगा बूस्ट
सेलाकुई और पांवटा साहिब दोनों ही बड़े औद्योगिक हब हैं। हाईवे के चालू होने से यहां माल ढुलाई के समय और ट्रांसपोर्टेशन लागत में भारी कमी आएगी। साथ ही, हिमाचल और पंजाब की तरफ से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को देहरादून पहुंचने के लिए एक सुरक्षित और तेज विकल्प मिल जाएगा।









