पौड़ी, 11 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश के बाद पौड़ी गढ़वाल जिले में जिला प्रशासन बेहद आक्रामक रुख में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के नेतृत्व में राजस्व विभाग की अलग-अलग टीमों ने जिले की कई तहसीलों में औचक निरीक्षण किया और सरकारी जमीनों पर किए गए अस्थायी कब्जों और अवैध तारबाड़ को मौके पर ही ढहा दिया।
प्रशासन की इस कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर लैंसडाउन, रिखणीखाल और कोटद्वार तहसील क्षेत्रों में देखने को मिला है। राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने गांवों में पहुंचकर सबसे पहले जमीनों का रिकॉर्ड (अभिलेखीय परीक्षण) चेक किया और फिर पैमाइश कर अवैध घेराबंदी को हटा दिया। प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
लैंसडाउन और रिखणीखाल में जमीनों का भौतिक सत्यापन
तहसील लैंसडाउन के तहत आने वाले तोल्यूं तोक (ग्राम च्वरा, पट्टी डबरालस्यूं-03) में सरकारी जमीन पर अतिरिक्त तारबाड़ लगाकर कब्जा करने की शिकायत मिली थी। राजस्व टीम ने मौके पर पैमाइश कर अवैध रूप से लगाई गई इस फेंसिंग को पूरी तरह हटा दिया।
इसके अलावा रिखणीखाल क्षेत्र के ग्राम गुर्डेता (पट्टी बिचलाबदलपुर-4), ग्राम घेडी (पट्टी बिचलाबदलपुर-2) और ग्राम कण्डिया तल्ला (पट्टी बिचलाबदलपुर-5) में भी सरकारी भूमि पर अस्थायी रूप से अतिक्रमण किया गया था। यहां राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जे हटाए और जमीन को शासन के नियंत्रण में लिया।
कोटद्वार में पटवारी चौकी और बंजर भूमि से हटा कब्जा
कोटद्वार तहसील के ग्राम नंदपुर (पट्टी मोटाढाक) में खुद पटवारी चौकी मोटाढाक की सरकारी जमीन पर अस्थायी अतिक्रमण कर लिया गया था। प्रशासनिक टीम ने जमीन के दस्तावेजों की जांच और स्थलीय निरीक्षण के बाद इस राजकीय भूमि को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया।
इसी पट्टी के ग्राम खूनीबड़ में बंजर श्रेणी की सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने तारबाड़, गमले और नर्सरी बनाकर अस्थायी कब्जा कर रखा था। प्रशासन की सख्त चेतावनी और चिह्नीकरण की कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति ने खुद ही वहां से अपनी नर्सरी और फेंसिंग हटा ली।
“मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक सरकारी जमीन, सार्वजनिक रास्तों, चारागाहों और अन्य सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। सभी तहसीलों में कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखें। जहां भी अवैध कब्जा मिलेगा, वहां तुरंत बुलडोजर या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से भी अपील है कि सरकारी जमीन पर कब्जे की जानकारी तुरंत तहसील या राजस्व विभाग को दें।”
— स्वाति एस. भदौरिया, जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल
कार्रवाई का प्रशासनिक ब्योरा
| तहसील क्षेत्र | प्रभावित गांव/इलाका | अतिक्रमण का स्वरूप | वर्तमान स्थिति |
| लैंसडाउन | तोल्यूं तोक, ग्राम च्वरा | अवैध तारबाड़ (फेंसिंग) | हटा दिया गया, भूमि मुक्त |
| रिखणीखाल | गुर्डेता, घेडी, कण्डिया तल्ला | अस्थायी ढांचे और कब्जे | टीम ने मौके पर जाकर हटाया |
| कोटद्वार | ग्राम नंदपुर (मोटाढाक) | पटवारी चौकी की जमीन पर कब्जा | पैमाइश के बाद कब्जामुक्त |
| कोटद्वार | ग्राम खूनीबड़ | बंजर भूमि पर अवैध नर्सरी/गमले | नोटिस के बाद कब्जेधारक ने खुद हटाया |
प्रशासन के मुताबिक, आने वाले दिनों में उन संपत्तियों और सार्वजनिक मार्गों को भी चिह्नित किया जा रहा है जहां लंबे समय से कमर्शियल या रिपेयर्ड कंस्ट्रक्शन के जरिए कब्जे किए गए हैं। वन भूमि और सिंचाई विभाग की जमीनों पर भी इसी तरह की संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा रही है।









