पौड़ी, 11 जून (दून हॉराइज़न)। गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज के तहत कोट ब्लॉक के बाडियू गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां मवेशियों के लिए चारा लेने गई 59 वर्षीय महिला प्रभा देवी पर गुलदार ने जानलेवा हमला कर दिया। घात लगाकर बैठे गुलदार ने महिला को बुरी तरह घसीटा और खंडहर हो चुके एक मकान में ले जाकर मार डाला।
घटना की सूचना मिलने पर जब वन विभाग की टीम और शूटर मौके पर पहुंचे, तो गुलदार महिला के शव के पास ही झाड़ियों में दुबका हुआ था। ग्रामीणों की भारी भीड़ के बीच गुलदार ने वहां तैनात शूटरों पर भी हमला करने की कोशिश की। इसके बाद वन विभाग के शूटरों ने आत्मरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए मौके पर ही गुलदार को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों का भारी आक्रोश और अधिकारियों का घेराव
इस घटना के बाद से बाडियू गांव सहित आसपास के इलाकों में भारी दहशत और तनाव का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचे गढ़वाल के डीएफओ महातिम यादव और संयुक्त मजिस्ट्रेट का घंटों घेराव किया। ग्रामीणों ने राज्य के वन मंत्री और स्थानीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार के हमले हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन के कारण पुलिस और प्रशासन की टीम शाम करीब 6 बजे घेराव से मुक्त हो सकी, जिसके बाद शव का पंचनामा भरकर उसे जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। इस दौरान महिलाओं ने सड़क पर जाम लगाकर भी विरोध दर्ज कराया।
अधिकारियों का बयान
“गुलदार लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए था। घटना स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा थी और पूरा खतरा था कि वह अपने शिकार के बचाव में किसी अन्य व्यक्ति पर भी हमला कर सकता था। गुलदार शव के पास से हट नहीं रहा था, जिससे शव को कब्जे में लेना मुमकिन नहीं था। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतिम विकल्प के तौर पर गुलदार को शूट करने का निर्णय लिया गया।”
— महातिम यादव, डीएफओ, गढ़वाल वन प्रभाग
24 दिन के भीतर दूसरा हमला
पौड़ी रेंज में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 दिनों के भीतर गुलदार के हमले में किसी ग्रामीण की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले बीती 15 मई को इसी रेंज के कमंद गांव में भी गुलदार ने एक ग्रामीण को अपना निवाला बना लिया था।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, क्षेत्र में अभी भी एक मादा गुलदार अपने दो शावकों के साथ सक्रिय है, जिससे लोगों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने उस मादा गुलदार को भी पकड़ने या ढेर करने की मांग उठाई है। डीएफओ महातिम यादव ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग की टीम अभी मौके पर तैनात रहेगी।
पौड़ी रेंज में गुलदार के हमलों का हालिया घटनाक्रम
क्षेत्र में गुलदार के बढ़ते आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ महीनों में कई लोग इसके शिकार हो चुके हैं:
| तारीख | प्रभावित गांव / क्षेत्र | घटना का विवरण |
| 11 जून | बाडियू गांव (कोट ब्लॉक) | प्रभा देवी (59) की मौत, गुलदार मौके पर ढेर |
| 15 मई | कमंद गांव | एक ग्रामीण को गुलदार ने निवाला बनाया |
| 23 अप्रैल | बमठी गांव | सीता देवी नामक महिला की हमले में मौत |
| 9 मार्च | बालमणा | काम कर रहे एक राजमिस्त्री पर जानलेवा हमला |
| 15 जनवरी | बाड़ा गांव | नेपाली मूल के एक व्यक्ति को गुलदार ने मारा |
| 4 दिसंबर | गजल्ड गांव | एक ग्रामीण की मवेशी चराने के दौरान मौत |
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वन विभाग वन्यजीवों के हमले के बाद कुछ दिनों के लिए पिंजरा लगाकर सक्रियता दिखाता है, लेकिन बाद में ढिलाई बरत दी जाती है। ग्रामीणों ने सरकार से गुलदार को शेड्यूल-1 की श्रेणी से हटाने की मांग भी दोबारा उठाई है।









