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MDDA Buldozer Action: पित्थुवाला खुर्द में बिना मंजूरी बिछाई जा रही थी सड़कें, प्राधिकरण ने ऐसे रोका अवैध खेल

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देहरादून, 11 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध कॉलोनियों और बिना मंजूरी के हो रहे भूमि विकास के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया है।

गुरुवार को प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने सिमला बाईपास मार्ग पर स्थित पित्थुवाला खुर्द क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां नियमों को ताक पर रखकर लगभग एक बीघा जमीन पर अवैध रूप से विकसित की जा रही नई प्लॉटिंग को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं और बिना ले-आउट पास कराए कॉलोनी काटने वाले भूमाफियाओं में हड़कंप मचा है। यह कार्रवाई शहर के अनियोजित विकास को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।

बिना ले-आउट स्वीकृति के चल रहा था काम

जांच में सामने आया कि पित्थुवाला खुर्द इलाके में सुभाष कश्यप नामक व्यक्ति द्वारा करीब एक बीघा भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग का काम किया जा रहा था। इसके लिए न तो सक्षम अधिकारी से कोई प्रशासनिक अनुमति ली गई थी और न ही एमडीडीए से कोई आधिकारिक ले-आउट स्वीकृत कराया गया था।

क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान नियमों के विपरीत पाए जाने पर विभाग ने मामले की गहन जांच की। जब यह पुष्टि हो गई कि यह पूरा प्रोजेक्ट पूरी तरह अनधिकृत है, तब नियमों के तहत ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए। इसके बाद एमडीडीए की टीम भारी पुलिस बल और मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया।

ऑन द स्पॉट मौजूद रही अफसरों की टीम

इस बड़े ध्वस्तीकरण अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए एमडीडीए की प्रवर्तन टीम मौके पर डटी रही। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता (AE) विजय सिंह रावत, अवर अभियंता (JE) मुनेष राणा और प्राधिकरण के क्षेत्रीय सुपरवाइजर तैनात थे। टीम ने पूरी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए बिना किसी बाधा के ध्वस्तीकरण का काम पूरा कराया।

अवैध बसावट से बिगड़ रहा है शहरी ढांचा

एमडीडीए प्रबंधन ने साफ किया है कि देहरादून और आसपास के प्राधिकरण क्षेत्रों में बिना तय नक्शे या स्वीकृति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, कॉलोनी का विकास या निर्माण कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की अवैध कॉलोनियां न केवल मास्टर प्लान और शहरी नियोजन को बिगाड़ती हैं, बल्कि आने वाले समय में वहां रहने वाले नागरिकों के लिए पानी, बिजली, सड़क और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं देना सरकार के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है।

जांच के बिना न खरीदें प्लॉट

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ हमारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर जमीन का व्यवसाय करने या कॉलोनी काटने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हर संदिग्ध गतिविधि पर हमारी नजर है। मेरी आम जनता से भी अपील है कि वे किसी भी भूखंड या प्रॉपर्टी में पैसा लगाने से पहले उसकी कानूनी स्थिति और एमडीडीए की मंजूरी के दस्तावेज जरूर चेक कर लें।”

प्रभावी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी: सचिव

वहीं, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग पूरी तरह सख्त है। उन्होंने कहा, “अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ हमारी टीम लगातार फील्ड में सक्रिय है। नियमों को तोड़ने वालों पर प्रभावी कानूनी एक्शन लिया जा रहा है। नागरिकों को अपनी गाढ़ी कमाई बचाने के लिए निवेश से पहले हर हाल में प्रोजेक्ट की वैधता सुनिश्चित करनी चाहिए।”

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