---Advertisement---

IMA POP 2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने थपथपाई युवा अफसरों की पीठ, विशाल कुमार को मिला स्वार्ड ऑफ ऑनर

---Advertisement---

देहरादून, 13 जून (दून हॉराइज़न)। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून के नाम शनिवार को एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो गई है। अकादमी का कड़ा और पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण सफलता पूर्वक पूरा कर पहली बार नौ महिला कैडेट्स युवा सैन्य अधिकारियों के रूप में भारतीय सेना का गौरव बन गई हैं। इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड की सलामी राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने ली।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विशेष उपलब्धि पर गहरा गर्व व्यक्त करते हुए इसे देश की प्रगति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव करार दिया। उन्होंने परेड को संबोधित करते हुए कहा कि यह क्षण केवल हमारी सशस्त्र सेनाओं के इतिहास के लिए ही मील का पत्थर नहीं है, बल्कि देश में महिला-नेतृत्व वाले विकास (वीमेन-लेड डेवलपमेंट) की दिशा में भी एक बेहद मजबूत और प्रेरक मिसाल है।

युद्ध के बदलते तौर-तरीकों पर राष्ट्रपति का जोर

समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने युवा अधिकारियों को भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य और आधुनिक युद्ध के तौर-तरीके बहुत तेजी से बदल रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय सेना को नई तकनीकों और उभरते सुरक्षा खतरों का सामना करने के लिए हमेशा खुद को अपडेट रखना होगा।

उन्होंने नए अधिकारियों से पूरे सैन्य जीवन के दौरान नवाचारों (इनोवेशन) को अपनाने, लगातार सीखते रहने और नैतिक मूल्यों पर आधारित नेतृत्व क्षमता विकसित करने की अपील की। राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि एक बेहतरीन सैन्य लीडर सिर्फ कमान नहीं संभालता, बल्कि वह अपने सैनिकों की एक अभिभावक की तरह देखभाल और सही मार्गदर्शन भी करता है।

माता-पिता और प्रशिक्षकों की सराहना

देश के सबसे कठिन सैन्य प्रशिक्षणों में से एक को पूरा करने पर राष्ट्रपति ने सभी ऑफिसर कैडेट्स को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने कैडेट्स के परिवारों के त्याग और आईएमए के कमांडेंट व प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) की कड़ी मेहनत की सराहना की। इस दौरान अकादमी से पास आउट हो रहे मित्र देशों के विदेशी कैडेटों को भी उन्होंने उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

संबोधन के समापन पर राष्ट्रपति मुर्मू ने नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को आईएमए के मूल आदर्श वाक्य ‘वीरता और विवेक’ को अपने जीवन और कर्तव्य में पूरी तरह आत्मसात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता के दौर में विनम्रता और विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ संकल्प ही भारतीय सेना और देश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

आईएमए पासिंग आउट परेड 2026: मुख्य सम्मान विजेता

शनिवार को आयोजित हुए इस मुख्य समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया। इस बार के मुख्य पुरस्कार विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

पुरस्कार / मेडलविजेता कैडेट का नाम
स्वार्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडलविशाल कुमार
टीसीएस सिल्वर मेडलकरन पांडेय
टीजी ग्रेजुएट सम्मानऋषभ मिश्रा
एससीओ सिल्वर मेडलबोधराज थापा
सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेटजैफ सादिर अल्बी (बांग्लादेश)
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनरइम्फाल कम्पनी

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment