नैनीताल/अल्मोड़ा, 13 जून (दून हॉराइज़न)। बाबा नीम करोली के कैंची धाम के स्थापना दिवस मेले के दौरान कानून व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए नैनीताल पुलिस ने 14 और 15 जून को धाम क्षेत्र में सुरक्षा और पाबंदियों के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस दौरान कैंची धाम के आसपास बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
भवाली-कैंची रोड जीरो जोन, सड़क किनारे व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक
यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने 14 और 15 जून को कैंची-भवाली रोड को ‘जीरो जोन’ घोषित किया है। इस अवधि में इस मार्ग पर किसी भी तरह के निजी और यात्री वाहनों का संचालन नहीं हो सकेगा। सिर्फ एम्बुलेंस और दमकल जैसे आपातकालीन वाहनों को ही इस मार्ग पर जाने की छूट होगी।
इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से भवाली से कैंचीधाम, भवाली से भीमताल और भवाली से नैनीताल मार्ग पर सड़क किनारे स्टॉल लगाने, फूड वैन खड़ी करने और बिना अनुमति के भंडारे आयोजित करने पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है। दुरुपयोग रोकने के लिए निजी एम्बुलेंस वाहनों की भी सघन चेकिंग होगी, जिसमें मेडिकल उपकरण और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
अल्मोड़ा पुलिस का डायवर्जन प्लान (13 से 16 जून तक)
मेले के दौरान अल्मोड़ा और आसपास के जिलों से आने वाले ट्रैफिक के लिए अल्मोड़ा पुलिस प्रशासन ने 13 से 16 जून तक का डायवर्जन प्लान जारी किया है।
बागेश्वर, गरुड़ और सोमेश्वर से हल्द्वानी जाने वाले वाहन: इन वाहनों को सिकुड़ा बैंड से डायवर्ट कर वाया लमगड़ा होते हुए हल्द्वानी भेजा जाएगा।
पिथौरागढ़, शेराघाट, बेरीनाग और गंगोलीहाट से हल्द्वानी जाने वाले वाहन: इन क्षेत्रों की गाड़ियों को बाड़ेछीना-सुवाखान तिराहा से वाया लमगड़ा मार्ग पर भेजा जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए 350 बसें चलाएंगी शटल सेवा
स्थापना दिवस महोत्सव को लेकर परिवहन विभाग ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आरटीओ प्रशासन डॉ. गुरदेव सिंह की अध्यक्षता में हुई सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों की बैठक में बताया गया कि हल्द्वानी संभाग से 5 एआरटीओ समेत कुल 77 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी मेला क्षेत्र में लगाई गई है।
श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों से मंदिर तक पहुंचाने के लिए कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन (केमू) की 250 बसों और हल्द्वानी-काठगोदाम डिपो की करीब 100 रोडवेज बसों को मिलाकर कुल 350 से अधिक बसों को शटल सेवा में उतारा गया है।
ये बसें 14 जून की सुबह से ही निर्धारित शटल पॉइंट्स पर तैनात रहेंगी। इस व्यवस्था के कारण रविवार सुबह से ही पर्वतीय रूटों पर सामान्य यात्रियों के लिए बसों की उपलब्धता कुछ कम रह सकती है। रोडवेज प्रबंधन ने मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए 14 और 15 जून को चालकों व परिचालकों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं।









