देहरादून, 27 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Weather Update : चमोली के नारायणबगड़ स्थित थरालीबगड़ क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। कोलूसैंण के जंगलों में अतिवृष्टि के कारण भारी मात्रा में मलबा और बड़े बोल्डर पानी के तेज बहाव के साथ सीधे आबादी क्षेत्र तक पहुंच गए।
पहाड़ों से आया यह मलबा तेज बहाव के दौरान दो हिस्सों में बंट गया। बाजार, कई सरकारी भवन और राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह इस मलबे की चपेट में आ गए हैं।
एक हिस्से का मलबा अलकनंदा वन प्रभाग के पुराने भवन और राजकीय इंटर कॉलेज के कक्षों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करता हुआ सीधे विद्यालय के कार्यालय और पूरे परिसर में घुस गया। दूसरे हिस्से का मलबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बिल्कुल समीप से होकर गुजरा और नेशनल हाईवे पर जा पहुंचा।
मौसम विभाग ने पिथौरागढ़ और बागेश्वर में 29 और 30 जून को भारी बारिश का स्पष्ट अलर्ट जारी किया है। एक जुलाई तक राज्य के अधिकांश पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान मौसम विज्ञान केंद्र ने जताया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने खराब मौसम के मद्देनजर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। 28 जून तक पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर बारिश संभव है। 29 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। बाकी पर्वतीय क्षेत्रों में केवल हल्की बारिश होगी।
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 30 जून को गरज-चमक के साथ तेज बारिश की स्थिति बनेगी।
देहरादून में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदला। दोपहर करीब तीन बजे बंजारावाला, हरिद्वार बाईपास, लाडपुर और रायपुर रोड क्षेत्र में तेज बारिश रिकार्ड की गई। परेड ग्राउंड के आसपास केवल हल्की बूंदाबांदी हुई।
आधे घंटे की इस बारिश के बाद दून का मौसम पूरी तरह साफ हो गया। शहर के कई अन्य हिस्से पूरी तरह सूखे रहे। सुबह से चटख धूप और तेज गर्म हवाओं के कारण शहरवासी भारी उमस और गर्मी से बेहाल थे।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने मानसून सीजन की दुश्वारियों को देखते हुए हल्द्वानी जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में तीन महीने का राशन एडवांस में पहुंचा दिया है। जुलाई, अगस्त और सितंबर का राशन सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से एक साथ बांटा जाएगा।
राशन वितरण की यह प्रक्रिया एक जुलाई से ही शुरू कर दी जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने गोदामों में स्टॉक पहुंचने की पुष्टि की है।
ओखलकांडा, सरना, बेतालघाट और मझेड़ा में स्थित चारों प्रमुख पर्वतीय गोदामों में तीन महीने के गेहूं और चावल का पर्याप्त कोटा उपलब्ध करा दिया गया है। उपभोक्ताओं को अब बरसात के दौरान राशन की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।









