---Advertisement---

Uttarakhand News : वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या सुधारने का मौका, तहसील और नगर निगमों में लगेंगे कैंप

---Advertisement---

देहरादून, 2 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand News : प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में अनकलेक्टेबल मतदाताओं वाले पोलिंग बूथों का तत्काल धरातलीय दौरा करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। 14 जुलाई को मतदाता सूची का नया ड्राफ्ट जारी होना है।

राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत आठ जून से अब तक सभी 13 जिलों में 79,60,762 में से 75,51,246 मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 94.86 प्रतिशत है। यह जमीनी काम 11,732 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का नेटवर्क पूरा कर रहा है। 13 बीएलओ ने अभियान शुरू होने के शुरुआती आठ दिनों के भीतर ही अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया।

बुधवार को सीईओ ने कुमाऊं और गढ़वाल के मंडलायुक्तों के साथ एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन बैठक की। जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की तरफ से तैयार की गई ऐब्सेंट, शिफ्टेड और डुप्लीकेट वोटरों की सूचियों की सघन क्रॉस चेकिंग के आदेश दिए गए हैं।

बीएलओ को साफ हिदायत दी गई है कि ऐब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ सूची में शामिल मतदाताओं के फॉर्म पर स्पष्ट और विस्तृत टिप्पणी दर्ज करनी होगी। प्रत्येक टिप्पणी पर बीएलओ के हस्ताक्षर के साथ बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्यों के दस्तखत अनिवार्य कर दिए गए हैं।

प्रदेश भर में दावों और आपत्तियों के निस्तारण की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए 70 ईआरओ के साथ-साथ 800 एईआरओ की फौज तैनात की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस फेज के दौरान किसी भी आम मतदाता को बेवजह परेशानी नहीं होनी चाहिए।

पहाड़ से लेकर मैदान तक वोटरों की सहूलियत के लिए विशेष कैंप लगाने का रोस्टर तैयार किया जा रहा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर दावे-आपत्तियों के निपटारे के लिए कैंप लगेंगे। मैदानी इलाकों में मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील कार्यालयों के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर कैंप संचालित किए जाएंगे।

जिन पोलिंग बूथों पर ऐसे मतदाता भारी संख्या में दर्ज हैं जिनका वर्तमान पता ट्रेस नहीं हो पा रहा है, वहां मंडलायुक्त खुद जाकर स्थिति का मुआयना करेंगे। पूरी मशीनरी को 14 जुलाई की डेडलाइन से पहले त्रुटिहीन डाटाबेस तैयार करने के काम में झोंक दिया गया है।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment