देहरादून, 2 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Heavy Rain : श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच स्थित सिरोबगड़ स्लाइड जोन से भारी मात्रा में विशाल बोल्डर और मलबा गिरने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह ठप पड़ा है। हाईवे के दोनों छोर पर सैकड़ों वाहन कतारों में खड़े हैं। हजारों तीर्थयात्री और स्थानीय लोग घंटों से सड़क खुलने की बाट जोह रहे हैं।
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं की रफ्तार इस भूस्खलन ने रोक दी है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले इस हाईवे पर यातायात रुकने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। लगातार गिरते पत्थरों ने मार्ग खोलने में जुटी एजेंसियों का काम बेहद मुश्किल कर दिया है।
पिछले करीब तीन दशकों से सिरोबगड़ स्लाइड जोन बदरीनाथ हाईवे का सबसे बड़ा नासूर बना हुआ है। साल 2026 के इस मानसून में भी करोड़ों रुपये की तकनीकी परियोजनाएं धरी की धरी रह गई हैं। इस भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों का जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त कर दिया है। रुद्रप्रयाग के बेलनी पुल के नीचे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा छाती तक उफनती अलकनंदा की जलधारा में समा गई है। प्रतिमा के चारों ओर तेज वेग से पानी टकरा रहा है।
पिछले 24 घंटों से जारी बारिश के कारण नदी अपने सामान्य जलस्तर को पार कर काफी ऊपर बह रही है। किनारे वाले इलाकों में भूकटाव का खतरा बढ़ गया है। निचले घाटों पर रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है और टीमें सतर्कता बरत रही हैं।
जिला प्रशासन ने आनन-फानन में आपदा प्रबंधन, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को सभी संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मशीनरी और संसाधनों को तत्काल स्टैंडबाय पर रखा गया है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। स्थानीय नागरिकों और चारधाम यात्रियों को नदी, नालों और बरसाती गधेरों के समीप नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
तेज बहाव के दौरान नदी किनारे जाकर वीडियो बनाना या सेल्फी लेने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि आपदा से जुड़ी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि संबंधित एजेंसियां हाईवे खोलने के लिए युद्धस्तर पर जुटी हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने से राहत कार्य रोकना पड़ रहा है। यात्री अपनी आगे की यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की ताजा स्थिति का अपडेट जरूर हासिल करें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।









