देहरादून, 5 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Congress Candle March : नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में मची धांधली के खिलाफ देहरादून की सड़कों पर कांग्रेस का गुस्सा उबल रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला की अगुवाई में भारी तादाद में छात्रों, युवाओं और अभिभावकों ने देर रात मशाल जुलूस निकालकर सरकार की कार्यप्रणाली को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया। यह भारी हुजूम 23 वर्षीय रिया थापा के लिए न्याय की मांग करते हुए सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है।
रिया का शव बीते दिनों रहस्यमय परिस्थितियों में फंदे से झूलता मिला था। बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में 97.6 फीसदी जैसे असाधारण अंक हासिल करने वाली यह होनहार छात्रा शहर में रहकर री-नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। बार-बार परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी और भ्रष्टाचार ने उसे गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया। मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनने का उसका सपना पूरी तरह से सरकारी अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया।
पूजा विहार स्थित रिया के निवास से कांग्रेसियों ने एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान परिजनों के साथ स्थानीय नागरिक भारी संख्या में सड़कों पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की। आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने इस पूरी घटना को देश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता करार दिया है। उनका सीधा आरोप है कि नीट समेत विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही ने देश के लाखों युवाओं को अंधकार में धकेल दिया है। सालों तक बंद कमरों में कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों का विश्वास अब व्यवस्था से पूरी तरह उठ चुका है। रिया की असमय मौत सिर्फ एक परिवार का नुकसान नहीं बल्कि सिस्टम के मुंह पर एक करारा तमाचा है।
सड़कों पर उतरी युवाओं की भीड़ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दे दी है कि भविष्य के साथ होने वाला कोई भी खिलवाड़ अब कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में देश भर में चल रहा छात्रों का अभियान अब देहरादून के हर मोहल्ले की आवाज बन गया है।
मशाल जुलूस के दौरान ज्योति रौतेला ने इस मोर्चे को पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की सीधी लड़ाई घोषित किया। देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने में सत्ता में बैठे लोग पूरी तरह से विफल साबित हुए हैं। यह संघर्ष केवल रिया थापा को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं रहने वाला है। यह देश के प्रत्येक छात्र के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है जो तब तक जारी रहेगी जब तक दोषियों पर सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो जाती।









