चंपावत, 5 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
CM Dhami : टनकपुर के बूम क्षेत्र में हुड्डी नदी और शारदा नदी के उफान से होने वाले भारी भू-कटाव पर हमेशा के लिए लगाम कसने की तैयारी शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे 65 करोड़ रुपये की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं की नींव रखकर बरसात में खौफ के साये में जीने वाले ग्रामीणों को बड़ी राहत पहुंचाई है। जन शिविर में भारी भीड़ उमड़ी।
मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विशाल शारदा तटबंध निर्माण कार्य का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिलान्यास किया। हुड्डी नदी के किनारे 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य भी इसी मास्टरप्लान का हिस्सा बनाए गए हैं। ये नई योजनाएं सीधे तौर पर स्थानीय आजीविका और ग्रामीणों की सुरक्षा को एक मजबूत कवच प्रदान करेंगी।
सरकारी विभागों द्वारा जन शिविर में लगाए गए स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने बहुत बारीकी से निरीक्षण किया। आम जनता की कई लंबित फाइलों और स्थानीय समस्याओं को उन्होंने मौके पर ही सुनकर प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के सख्त निर्देश जारी किए।
कार्यक्रम का माहौल उस वक्त पूरी तरह बदल गया जब सीएम धामी महिला स्वयं सहायता समूहों के बीच जा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के बीच बैठकर पारंपरिक मिट्टी के चूल्हे पर खुद मंडुवे की रोटी सेंकनी शुरू कर दी। उन्होंने पास ही रखे सिल-बट्टे पर अपने हाथों से नमक पीसा और महिला समूहों के काम की जमकर तारीफ की। उनका यह ठेठ पहाड़ी अंदाज जन शिविर में मौजूद हर व्यक्ति के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी बीजेपी संगठन ने जमीनी स्तर पर अपनी सियासी बिसात बिछानी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने बंद कमरे में नहीं बल्कि सीधे मैदान में उतरकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। संगठन को हर हाल में बूथ स्तर तक अभेद्य किले में तब्दील करने का स्पष्ट टारगेट कार्यकर्ताओं को सौंप दिया गया है।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रत्येक घर तक पहुंचाने का कड़ा आह्वान कार्यकर्ताओं से किया गया। राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक हर योजना का लाभ पहुंचाने की नीति पर युद्धस्तर पर काम कर रही है। चंपावत जिले का सर्वांगीण विकास आज सरकार के मुख्य एजेंडे में सबसे ऊपर रखा गया है।
टनकपुर और पूर्णागिरी से लगे पूरे इलाके की आर्थिक तस्वीर बदलने के लिए 3,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से शारदा कॉरिडोर का महात्वाकांक्षी निर्माण कार्य पूरी रफ्तार से चल रहा है। साल 2026 के अंत तक इस कॉरिडोर के कई अहम चरण पूरे होने की उम्मीद है जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को एक नई ऊंचाई मिलेगी। मंच से मुख्यमंत्री ने इस मेगा प्रोजेक्ट की वर्तमान प्रगति रिपोर्ट भी जनता के सामने प्रमुखता से रखी।









