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Kanwar Yatra 2026 : भोजन से पहले ढाबों पर QR कोड स्कैन करें कांवड़िए, महंत रविंद्र पुरी की कांवड़ियों से अपील

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हरिद्वार, 27 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Kanwar Yatra 2026 : आगामी 30 जुलाई 2026 से कांवड़ मेले का विधिवत आगाज होने जा रहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कांवड़ियों के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है। उन्होंने शिवभक्तों से अपील की है कि यात्रा मार्ग पर किसी भी होटल, ढाबे या दुकान पर भोजन ग्रहण करने से पहले वहां लगा क्यूआर कोड जरूर स्कैन करें।

क्यूआर कोड स्कैन करने से प्रतिष्ठान संचालक की वास्तविक जानकारी और बैंक खाते का नाम मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगा। श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि इससे संचालक की असली पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। यह कदम किसी भी प्रकार के भ्रम या भविष्य में होने वाले विवाद से बचने के लिए उठाया गया है।

कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और सनातन परंपरा का एक बड़ा प्रतीक मानी जाती है। लाखों की संख्या में शिवभक्त अपने घरों से पैदल यात्रा पर निकलते हैं। इस पूरी यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठोर व्रत रखते हैं।

व्रत रखने वाले यह कांवड़िए पूरी तरह से सात्विक जीवनशैली का पालन करते हैं। भोजन और पेय पदार्थ ग्रहण करने में शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने इसी शुद्धता को बनाए रखने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

पूर्व के वर्षों में कांवड़ यात्रा मार्गों पर ऐसे कई संवेदनशील मामले सामने आ चुके हैं। कुछ लोगों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर और फर्जी नामों के बैनर लगाकर दुकानें और ढाबे संचालित किए थे। बाद में जब इन संचालकों की असली पहचान उजागर हुई तो कांवड़ियों और दुकानदारों के बीच भारी विवाद की स्थिति बन गई।

विवाद के ऐसे घटनाक्रमों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पहले से सतर्कता जरूरी है। श्रीमहंत ने क्यूआर कोड के साथ-साथ दुकान पर लगे नाम और धार्मिक प्रतीकों पर भी ध्यान देने की बात कही है। बैनर पर लिखी जानकारी और भुगतान प्राप्तकर्ता के नाम का मिलान करना अब कांवड़ियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

असली पहचान सामने आने के बाद श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के अनुरूप स्वतंत्र निर्णय ले सकेंगे। कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही भोजन संबंधी कदम आगे बढ़ाना उचित होगा।

करोड़ों शिवभक्त हर साल हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री और अन्य पवित्र घाटों से गंगाजल भरने पहुंचते हैं। इतनी बड़ी भीड़ में अफवाहों का खतरा हमेशा बना रहता है। श्रीमहंत ने यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे में न आने की सख्त हिदायत दी है।

श्रद्धालुओं को संयम और अनुशासन बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी जल यात्रा पूरी करनी चाहिए। कानून व्यवस्था का सम्मान करना हर शिवभक्त का दायित्व है। कांवड़ मेले के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

पुलिस और प्रशासन सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं और स्वच्छता से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। शिवभक्तों को इस साल सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पूरी तरह से सुगम यात्रा का अनुभव देने का लक्ष्य रखा गया है।

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