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ED दफ्तर से निकले पूर्व सीएम हरीश रावत, बोले- मुझे एजेंसी ने नहीं सत्ता के अहंकार ने बुलाया

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दून हॉराइज़न, देहरादून (26 सितंबर) : केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के दफ्तर से बाहर निकलते ही उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के तेवर पूरी तरह आक्रामक नजर आए।

लंबी चली पूछताछ प्रक्रिया खत्म होने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। रावत ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें किसी जांच एजेंसी ने अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे लोगों के अहंकार और चुनावी घबराहट ने तलब किया है।

‘अनुभव मीठा, रोमांचकारी और कुछ निराशा भरा रहा’

जांच के बाद दफ्तर से बाहर आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज का यह अनुभव कुछ मीठा, कुछ रोमांचकारी और साथ ही निराशा पैदा करने वाला भी था। अपनी बात समझाते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश की मौजूदा हुकूमतें सिर्फ बदले की दुर्भावना के तहत काम करेंगी, तो संवैधानिक व्यवस्थाएं कैसे चलेंगी? उनका कहना था कि उन्हें निजी तौर पर किसी तरह का खौफ नहीं है, मगर लोकतांत्रिक ढांचे और सामाजिक ताने-बाने को जिस तरह चोट पहुंचाई जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है।

आगामी चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष अपनी आसन्न पराजय से घबराया हुआ है और कांग्रेस जमीन पर उतरकर इस अहंकार का मुकम्मल इलाज करेगी।

खराब सेहत के बीच ‘सक्रिय’ करने पर कसा तंज

हरीश रावत ने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए एक दिलचस्प तंज भी कसा। असल में, पिछले कुछ वक्त से वह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह के चलते वह आगामी डेढ़-दो महीने दिल्ली में आराम करने वाले थे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को उनकी संगठनात्मक सेवाएं शायद तुरंत नहीं मिल पातीं। तंजिया लहजे में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा— “थैंक्स ईडी, थैंक्स बीजेपी! उन्होंने मुझे इस तरह बुलाकर फिर से पूरी तरह सक्रिय कर दिया।”

दरअसल, उत्तराखंड में वर्ष 2016 के बहुचर्चित कथित स्टिंग ऑपरेशन (Sting Case) से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच केंद्रीय एजेंसियां लंबे समय से कर रही हैं। हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों ने जो भी सवाल पूछे, उनका बिंदुवार जवाब दे दिया गया है। उनके मुताबिक, अफसरों के मालिकों को जो भी उत्सुकता थी, वह पूरी तरह शांत कर दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पूछताछ के बाद राज्य में कांग्रेस और सत्तारूढ़ दल के बीच सियासी टकराव और तेज होगा।

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