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Jantar Mantar Protest : सीजेपी के धरने में शामिल होने पर नई टिहरी भाजयुमो अध्यक्ष मणिका राणा को पद से हटाया गया

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नई टिहरी, 27 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Jantar Mantar Protest : उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की है। नई टिहरी मंडल की अध्यक्ष मणिका राणा को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के चल रहे आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी को इस निलंबन का मुख्य कारण माना गया है।

मणिका राणा हाल ही में दिल्ली स्थित धरना स्थल पर पहुंची थीं। जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र संसद में उन्होंने बाकायदा अपना वक्तव्य दिया। आंदोलन स्थल पर उनके रील बनाने और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के स्पष्ट प्रमाण पार्टी नेतृत्व तक पहुंचे। युवा मोर्चा नई टिहरी ने इन वीडियो और गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद ही निष्कासन का यह कदम उठाया।

भाजयुमो के जिलाध्यक्ष मनीष राणा ने इस कार्रवाई का आधिकारिक कारण स्पष्ट किया है। उन्होंने मणिका राणा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया। बीते कई दिनों से संगठनात्मक कार्यों में उनकी लगातार उदासीनता को भी इस फैसले का ठोस आधार बनाया गया।

मणिका राणा की छुट्टी होते ही नई टिहरी मंडल में नया नेतृत्व सौंप दिया गया है। शुभम नेगी को तत्काल प्रभाव से नई टिहरी का नया भाजयुमो मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। स्थानीय कैडर को अब शुभम नेगी के नेतृत्व में काम करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की पृष्ठभूमि से आने वाली मणिका राणा ने इस कार्रवाई पर बेबाक प्रतिक्रिया दी है। पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने राष्ट्रहित और सत्य को अपने जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह राष्ट्रहित के मुद्दों पर अकेले खड़े रहने का माद्दा रखती हैं।

देश भर से दिल्ली पहुंचे विद्यार्थियों के समर्थन में अपनी मौजूदगी को उन्होंने सही ठहराया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों की आवाज बनना उनके लिए गर्व की बात है। छात्रों की मुख्य मांग पूरी होने को उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षति से कहीं ऊपर रखा।

मणिका ने केंद्र सरकार के कदम को लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि सरकार ने देर से ही सही लेकिन बिल्कुल सही फैसला लिया है। उनकी यह टिप्पणी सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में हुए हालिया बदलावों की ओर इशारा कर रही थी।

शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। इस उच्च स्तरीय इस्तीफे के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपना धरना समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी। जंतर-मंतर पर यह व्यापक प्रदर्शन पिछले एक महीने से अधिक समय से लगातार चल रहा था।

रविवार सुबह तक राजधानी का यह प्रमुख प्रदर्शन स्थल पूरी तरह बदल गया। कई हफ्तों से जो इलाका भारी भीड़, नारेबाजी और सख्त सुरक्षा घेरे का केंद्र था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। प्रदर्शनकारियों की वापसी के बाद क्षेत्र में आम जनता और वाहनों की सामान्य आवाजाही पूरी तरह बहाल हो गई है।

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