देहरादून, 27 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand News : आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर उत्तराखंड में विशेष यातायात डायवर्जन प्लान लागू किया जा रहा है। हल्द्वानी से दिल्ली, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले यात्रियों को अब अपने सफर के लिए अधिक किराया चुकाना होगा। 30 जुलाई से 12 अगस्त तक रोडवेज की बसें लंबे और वैकल्पिक रास्तों से होकर गुजरेंगी। श्रावण मास में हरिद्वार और दिल्ली के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
लंबे रास्तों से संचालन के कारण बस यात्रियों पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। प्रति यात्री टिकट के दामों में 80 से 100 रुपये तक की स्पष्ट बढ़ोतरी तय कर दी गई है। गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ से दो घंटे का अतिरिक्त समय लगेगा। रूट डायवर्जन के बाद बसें हाईवे के ट्रैफिक और कांवड़ शिविरों के जाम से बचते हुए नए मार्गों का इस्तेमाल करेंगी।
प्रत्येक बस को अपने निर्धारित रास्ते की तुलना में 50 से 80 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा। इतनी लंबी दूरी बढ़ने से डीजल की खपत और परिचालन लागत का ग्राफ़ सीधे तौर पर ऊपर जाएगा। परिवहन विभाग ने इसी अतिरिक्त लागत को कवर करने के लिए यात्री किराए में संशोधन का यह फैसला लिया है।
काठगोदाम डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गणेश पंत ने रूट डायवर्जन का नया खाका साझा किया है। दिल्ली जाने वाली सभी रोडवेज बसों को अब हापुड़ और बुलंदशहर मार्ग से संचालित किया जाएगा। पुराना हाईवे पूरी तरह से कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा।
हरिद्वार और देहरादून जाने वाली बसों के लिए मुजफ्फरनगर और बिजनौर का रास्ता चुना गया है। रोडवेज प्रबंधन इस नई व्यवस्था का आधिकारिक रूट मैप अंतिम रूप से तैयार कर रहा है। जल्द ही इसे सभी बस अड्डों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया जाएगा।
यात्रियों की संख्या के हिसाब से हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो का दबाव बहुत अधिक है। दोनों बस अड्डों से प्रतिदिन दिल्ली और देहरादून के लिए कुल 64 बसों का नियमित संचालन होता है। अकेले काठगोदाम डिपो से दिल्ली के लिए 26 और देहरादून के लिए 6 बसें अपनी सेवाएं देती हैं।
हल्द्वानी डिपो से हर दिन दिल्ली के लिए 24 और देहरादून के लिए 8 बसें रूट पर उतरती हैं। लंबी दूरी और ज्यादा समय लगने की स्थिति को देखते हुए विभाग ने अतिरिक्त चालकों की रोस्टर ड्यूटी लगानी शुरू कर दी है। सफर के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए चेकिंग टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
देहरादून शहर में कांवड़ मेले के दौरान ट्रैफिक जाम से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रणनीति तैयार की है। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी ने शहर के बाहरी प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग व्यवस्था का खाका लागू किया है। दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे और दून-पांवटा हाईवे से आने वाले कांवड़ वाहनों को देहरादून शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के साथ एक संयुक्त समन्वय समिति काम कर रही है। उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने मिलकर एक विशेष रूट प्लान को जमीन पर उतारा है। दिल्ली से देहरादून की तरफ बढ़ने वाले कांवड़ वाहनों को दिल्ली एंट्री प्वाइंट पर ही रोक दिया जाएगा।
हिमाचल के पांवटा साहिब से आने वाले कांवड़ वाहनों की दिशा भी बदल दी गई है। इन वाहनों को हिमाचल की सीमा पर ही सहारनपुर मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा। ये सभी वाहन सहारनपुर होते हुए सीधे हरिद्वार की तरफ रवाना होंगे। देहरादून शहर का आंतरिक यातायात पूरी तरह से सामान्य यातायात के लिए सुरक्षित रखा गया है।









