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Uttarakhand Teacher Transfer : उत्तराखंड के शिक्षकों के लिए गुड न्यूज़, तबादलों के लिए मिली 55 दिन की अतिरिक्त मोहलत

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देहरादून, 5 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Teacher Transfer : उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बीमारी का बहाना बनाकर मनचाही पोस्टिंग चाहने वाले शिक्षकों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। निदेशालय ने मेडिकल प्रमाणपत्र के आधार पर ट्रांसफर मांगने वालों का दोबारा स्वास्थ्य परीक्षण कराने का सख्त निर्णय लिया है। फर्जी मेडिकल बनाने वाले शिक्षकों पर सीधे विभागीय कार्रवाई की गाज गिरेगी।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे और शारीरिक रूप से अक्षम शिक्षकों को अब विभाग अनिवार्य सेवानिवृत्ति देगा। शिक्षा निदेशालय ने इस पूरी प्रक्रिया की गहन निगरानी के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड की रिपोर्ट ही इस मामले में अंतिम मानी जाएगी।

कई शिक्षक लंबे समय से बीमारी का हवाला देकर ट्रांसफर लिस्ट में अपनी जगह पक्की करते आ रहे थे। विभाग अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बना रहा है। अक्षम कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाकर नए विकल्पों पर शासन स्तर पर विचार होगा।

स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर शासन स्तर से 55 दिनों की अतिरिक्त मोहलत विभाग को मिल गई है। शिक्षा विभाग ने तबादला सत्र खत्म होने के बाद समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। कार्मिक विभाग ने फाइलों की समीक्षा के बाद इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

रेगुलर तबादलों पर अभी भी न्यायिक अड़चनें बरकरार हैं और कानूनी पेचीदगियों के कारण विभाग जीरो सेशन जैसे हालातों का सामना कर रहा था। अब धारा 27 के तहत विशेष अनुरोध वाले तबादलों की फाइलें दोबारा खुल सकेंगी।

पिछले साल के लंबित प्रस्तावों पर आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया था। शिक्षा विभाग अब बिल्कुल नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करेगा। इस साल के लिए शिक्षकों से तुरंत नए सिरे से आवेदन और प्रस्ताव मांगे जाएंगे। 55 दिन का समय काफी सीमित है। अधिकारियों को पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए फाइलों की रफ्तार तेज करनी होगी। निदेशालय स्तर पर नए शासनादेशों का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

विशेष अनुरोध वाले तबादलों की राह भले ही खुल गई हो, लेकिन अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बड़े फैसले ने विभाग में बेचैनी पैदा कर दी है। मेडिकल बोर्ड का गठन जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

बोर्ड की जांच और स्वास्थ्य परीक्षण से गुजरने के बाद ही किसी भी शिक्षक की ट्रांसफर एप्लीकेशन आगे बढ़ाई जाएगी। फर्जी दस्तावेजों के सहारे मलाईदार पद चाहने वालों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की रूपरेखा भी तय कर ली गई है। अधिकारी अब सीधे तौर पर संदिग्ध मेडिकल सर्टिफिकेट की क्रॉस चेकिंग करेंगे।

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