नैनीताल, 09 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Ankita Bhandari Case : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने इस मामले की विस्तार से सुनवाई की। अदालत ने पूर्व विधायक को राहत देते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह में अपनी आपत्ति पेश करने का आदेश दिया है।
यह पूरा विवाद अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक कथित वीआईपी के नाम पर आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो प्रसारित करने का है। शिकायतकर्ता आरती गौड़ और भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर यह सामग्री डालकर उनकी छवि को बुरी तरह धूमिल किया गया है।
देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में आरती गौड़ की तरफ से पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज कराया गया था। सुरेश राठौर के वकील ने अदालत में दलील दी कि पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट के तय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्हें इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की पूरी आशंका बनी हुई थी।
सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार में भी दो मुकदमे दर्ज हुए थे, जिन्हें हाईकोर्ट पहले ही निरस्त कर चुका है। आरती गौड़ और दुष्यंत कुमार गौतम द्वारा देहरादून में दर्ज कराए गए मामलों में फिलहाल पुलिस की गहन जांच चल रही है। इसी जांच के बीच पूर्व विधायक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सीधे हाईकोर्ट का रुख किया था।
हाईकोर्ट ने अपनी पिछली सुनवाई में बेहद सख्त टिप्पणी की थी। अदालत का कहना था कि किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया के जरिए इतने गंभीर अपराध से जोड़कर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना बेहद गंभीर प्रकृति का मामला है।
न्यायाधीश ने साफ कहा था कि अगर किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़े कोई भी साक्ष्य मौजूद हैं, तो उसे सक्षम प्राधिकारी के सामने पेश किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी की छवि खराब करने या किसी राजनीतिक साजिश को रचने के लिए कतई नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियों को इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल करनी चाहिए।









