देहरादून, 22 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Weather Update : पहाड़ों से लेकर मैदान तक जारी मूसलाधार बारिश ने उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आम जनजीवन की रफ्तार रोक दी है। प्रदेश भर में जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से कुल 142 सड़कें बंद हो गईं। रास्तों के ठप होने से पहाड़ों में रहने वाले लोगों को आवाजाही के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लोक निर्माण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार सुबह राज्य भर में बारिश की वजह से बंद सड़कों की संख्या 135 दर्ज की गई थी। दिन चढ़ने के साथ भूस्खलन का दायरा बढ़ा और बंद सड़कों का आंकड़ा 142 तक पहुंच गया। PWD की ओर से चलाई गई मशीनों ने देर शाम तक 54 सड़कों को साफ कर यातायात के लिए बहाल कर दिया। वर्तमान में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 88 सड़कें अब भी बंद हैं।
विभाग की रिपोर्ट बताती है कि मंगलवार को सबसे ज्यादा 37 सड़कें अकेले चमोली जिले में बंद हुई थीं। उत्तरकाशी में 27 रास्तों पर यातायात प्रभावित रहा। टिहरी जिले में 17 और पौड़ी जिले में 29 सड़कों पर मलबे के कारण गाड़ियां ठप पड़ी रहीं।
राजधानी देहरादून के लोगों को मंगलवार रात हुई झमाझम बारिश से दिनभर की भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। मंगलवार सुबह शहर के अधिकांश हिस्सों में हल्की धूप खिली हुई थी। इससे दिन में लोगों को चिपचिपी गर्मी महसूस हो रही थी। सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई थी लेकिन बाद में धूप निकलने से उमस बढ़ गई। रात होते ही मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद दून का तापमान गिर गया और हवा में ठंडक घुल गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने जानकारी दी कि मंगलवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान सामान्य से 1 डिग्री अधिक था। शहर का न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बीते 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मसूरी में 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। पिथौरागढ़ में 1.8 मिलीमीटर और चकराता में 4.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मालदेवता, मसूरी शहर, हाथीबड़कला, मोहकमपुर और कालसी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश दर्ज हुई।
मंगलवार शाम हुई मूसलाधार बारिश के चलते शहर के डीएल रोड, रायपुर और राजपुर रोड समेत कई इलाकों में राहगीरों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ा। बारिश का पानी निकासी न होने से सड़कें और गलियां तेज उफान मारते नालों में तब्दील हो गईं। पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़कों पर खड़े कई वाहन बहने लगे।
कई रिहाइशी इलाकों में बारिश और नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया। जलभराव की स्थिति देख लोग अपनी जान बचाने के साथ-साथ पानी में बहते वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खींचते दिखे। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालात को देखते हुए देहरादून नगर निगम के मेयर सौरभ थपलियाल ने क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। मेयर ने जलभराव और बाकी समस्याओं का तुरंत निस्तारण करने की हिदायत दी है। नदी और बरसाती नालों के किनारे रहने वाली आबादी से सतर्क रहने और बेवजह पानी के तेज बहाव के पास न जाने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नगर निगम या जिला प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है।
आईटी पार्क के पास सिंचाई विभाग के नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से बड़ा नुकसान हुआ। नाले का बहाव तेज होने से ग्राम्य विकास विभाग परिसर की सुरक्षा दीवार गिर गई। दीवार टूटने से नाले का पानी और भारी मात्रा में मिट्टी ग्राम्य विकास विभाग के खुले परिसर में भर गई। देखते ही देखते पूरे परिसर में तीन फीट तक पानी और कीचड़ जमा हो गया।
पानी का यह तेज बहाव भूतल पर बने सरकारी दफ्तरों के कमरों के अंदर दाखिल हो गया। बुधवार सुबह कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों को कमरों में कीचड़ और पानी मिला। कर्मचारियों ने वाइपर और झाड़ू उठाकर कमरों से गंदगी को बाहर निकाला। दफ्तरों की पूरी तरह सफाई करने के बाद ही प्रशासनिक कामकाज शुरू हो पाया।









