देहरादून, 22 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Weather Update : केदारनाथ पैदल मार्ग पर सुबह अचानक बड़ी चट्टानें गिर गईं। गौरीकुंड से महज 1 किलोमीटर आगे छौड़ी नाम की जगह पर पहाड़ी दरकने से रास्ता पूरी तरह ठप्प पड़ गया। केदारघाटी में रात से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही थी। रास्ते पर पत्थरों का ढेर जमा होने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं को तुरंत सुरक्षित पड़ावों पर रोक दिया।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। राजमार्ग पर बने दो प्रमुख स्थानों गुलाबकोटी और भनेरपानी में विशालकाय बोल्डर सड़क पर आ गिरे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के कर्मी जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने के काम में जुटे हैं। मलबा साफ होने तक वाहनों की कतारें दूर-दूर तक लगी हुई हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के छह पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अगले 24 घंटे के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इनमें भी गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ से सटे इलाकों में खास चौकसी बरतने को कहा गया है।
उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोक निर्माण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्यभर में इस समय 54 सड़कें भूस्खलन की वजह से बंद पड़ी हैं। विभाग ने मंगलवार देर रात तक 142 बंद सड़कों में से अधिकतर को खोल दिया था, लेकिन बुधवार सुबह फिर से नए लैंडस्लाइड से स्थिति बिगड़ गई।
गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को अलर्ट पर रखा है। पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और राहत कार्य से जुड़े विभागों को संवेदनशील इलाकों में सीधी निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया में भोजन और पानी की व्यवस्था कराई जा रही है।
गढ़वाल कमिश्नर ने श्रद्धालुओं से प्रशासनिक दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश या भूस्खलन के कारण जहां भी मार्ग बाधित होता है, यात्री वहीं बने होल्डिंग सेंटर में प्रतीक्षा करें। मार्ग सुरक्षा जांच पूरी होने और मौसम सामान्य होने के बाद ही आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
चारधाम रूट की अन्य सड़कों पर यातायात फिलहाल नियंत्रित तरीके से चलाया जा रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों की ओर जाने वाले रास्ते सुबह तक सुचारू रूप से चालू थे। उत्तरकाशी के निचले और ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।









