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Uttarakhand Weather Update : मौसम विभाग का अलर्ट, देहरादून समेत 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

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देहरादून, 24 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में कुदरत का कड़ा इम्तिहान जारी है। लगातार हो रही बारिश की वजह से राजधानी देहरादून से मसूरी जाने वाले मुख्य मार्ग को रात के वक्त आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए फैसला लिया है कि रात आठ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक इस रोड पर किसी भी गाड़ी को जाने की इजाजत नहीं होगी।

पहाड़ी ढलाानों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने शुक्रवार के लिए राज्य के छह प्रमुख जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ बिजली चमकने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। देहरादून शहर में बृहस्पतिवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दिन के समय तीखी धूप और उमस की वजह से पारा दो डिग्री सेल्सियस चढ़ गया था, जिससे लोग काफी परेशान थे।

हालांकि रात करीब नौ बजे तेज आंधी के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। शहर के राजपुर रोड, माजरा, आईएसबीटी और रायपुर इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई।पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिसकी वजह से राज्यभर में 51 सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं।

लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के विभागाध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि बंद सड़कों को दोबारा चालू करने का काम पहली प्राथमिकता पर रखा गया है। उन्होंने सभी डिवीजनों के अधिकारियों को मशीनरी के साथ मौके पर डटे रहने के निर्देश दिए हैं, हालांकि लगातार हो रही बारिश रास्ते साफ करने के काम में बाधा डाल रही है।दुर्गम पहाड़ी इलाके जौनसार-बावर में बारिश ने ग्रामीणों और मुसाफिरों का सफर बेहद कठिन बना दिया है।

बृहस्पतिवार को इस क्षेत्र के आठ प्रमुख मोटर मार्गों पर पत्थरों और मलबे के आने से गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई। लोनिवि की टीमों ने राहत कार्य चलाकर पांच रास्तों को खोल दिया है, लेकिन तीन रास्तों पर अब भी युद्धस्तर पर काम चल रहा है। सिलीखड-कुनैन, रेटाड-हिवाई, म्यूंडा-मेघाड, क्वांसी-जोगियों, टाइगर फॉल संपर्क मार्ग और दारागाड-कथियान-डागुठा मार्ग भूस्खलन की चपेट में आए हैं।

बारिश के कारण विकासनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बालूवाला में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां भारी नमी और पानी के बहाव से गोपाल की पत्नी शकुंतला देवी का पोल्ट्री फार्म अचानक भरभराकर गिर गया। सीमेंट की चादरें और दीवारें ढहने से मलबे के नीचे दबकर 200 से ज्यादा छोटे चूजों की मौके पर ही मौत हो गई। पीड़िता ने तहसील प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर उचित आर्थिक मुआवजा देने की गुहार लगाई है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा 35.5 मिलीमीटर बारिश डंगोली क्षेत्र में दर्ज की गई है। शहर के कई निचले इलाकों में देर रात हुई तेज बारिश से पानी भर गया और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने नदी-नालों के करीब रहने वाले लोगों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है।

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