दून हॉराइज़न, देहरादून (17 अगस्त 2026): उत्तराखंड में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को 23 अगस्त 2026 से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। समय सीमा समाप्त होने के बाद सत्यापन न कराने वाले कनेक्शनों की घरेलू गैस आपूर्ति सीधे तौर पर प्रभावित हो सकती है। ऐसे उपभोक्ताओं को सामान्य घरेलू दरों के बजाय सीधे व्यावसायिक यानी कमर्शियल दरों पर सिलेंडर खरीदने की नौबत आ सकती है।
देहरादून जिले में कुल 7,16,845 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 5,57,546 उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी पूरी करा चुके हैं। जिले के 1,59,299 उपभोक्ता अब भी सत्यापन की प्रक्रिया से बाहर चल रहे हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े 9,243 गरीब परिवारों ने भी अब तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें। समय पर औपचारिकता पूरी होने से नियमित घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
सत्यापन के लिए उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी के दफ्तर में जाकर बायोमेट्रिक दर्ज करा सकते हैं। घर पर सिलेंडर देने आने वाले डिलीवरी वेंडर के मोबाइल ऐप और बायोमेट्रिक डिवाइस के जरिए भी यह काम तुरंत हो रहा है। इसके अतिरिक्त संबंधित तेल विपणन कंपनी (OMC) के आधिकारिक मोबाइल ऐप से घर बैठे सीधे फेस ऑथेंटिकेशन या आधार सत्यापन किया जा सकता है।
रायपुर क्षेत्र के सौड़ा सरौली में घरेलू गैस वितरण वाहन से सीधे गैस चोरी करने का गंभीर मामला सामने आया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी संतोष भट्ट के नेतृत्व में विभागीय टीम ने मौके पर औचक छापेमारी की।
ऑर्डिनेंस गैस सेवा रायपुर की सप्लाई गाड़ी की मौके पर सघन जांच की गई। गाड़ी में कुल 26 भरे हुए गैस सिलेंडर लदे पाए गए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तौल कराने पर चार सिलेंडरों में सीधे तौर पर घटतौली पकड़ी गई।
जांच अधिकारियों के अनुसार इन चार सिलेंडरों में से 1 किलो से लेकर 6.5 किलोग्राम तक गैस निकाली जा चुकी थी। स्थानीय निवासियों ने सप्लाई कर्मचारियों पर मौके पर ही गैस चोरी के सीधे आरोप लगाए। ग्रामीणों ने जांच दल को घटना से जुड़ा पुख्ता वीडियो साक्ष्य भी तत्काल सौंपा।
पूर्ति विभाग की टीम ने गैस वितरण वाहन को फौरन जब्त कर लिया। गाड़ी में मौजूद सभी 26 गैस सिलेंडरों को सुरक्षित रखने के लिए पास की निकटवर्ती सहकारी गैस सेवा के गोदाम में जमा करा दिया गया।
रायपुर थाने में आरोपी कर्मचारी जयप्रकाश और रत्नेश के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। एफआईआर में ऑर्डिनेंस गैस सेवा रायपुर को भी पक्षकार बनाया गया है। इस पूरी संयुक्त कार्रवाई टीम में पूर्ति सहायक विजय भी मुख्य रूप से शामिल रहे। उपभोक्ताओं के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले डिलीवरी वेंडरों और एजेंसियों के खिलाफ आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज किया जाएगा।









