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देहरादून आईएसबीटी का होगा कायाकल्प, एमडीडीए ने तैयार किया मास्टर प्लान

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दून हॉराइज़न, देहरादून (17 अगस्त 2026): मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने अंतरराज्यीय बस अड्डे और उससे जुड़े मॉल परिसर के संपूर्ण जीर्णोद्धार की योजना पर अंतिम मुहर लगा दी है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यात्री सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और वाणिज्यिक गतिविधियों को नए नियमों के तहत संचालित करने का खाका खींचा गया। बैठक में तय सभी प्रस्तावों पर तत्काल प्रभाव से काम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

आईएसबीटी परिसर में संचालित सभी दुकानों, रेस्टोरेंट, कार्यालयों और कियोस्क के किराये का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। प्राधिकरण ने अधिग्रहण के समय से अटके पड़े अनुबंधों के नवीनीकरण की प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। परिसर में नए कियोस्क का ढांचा तैयार हो चुका है, जहां पुराने लाइसेंसधारकों को प्राथमिकता के आधार पर शिफ्ट किया जाएगा।

कियोस्क आवंटन को लेकर सख्त कानूनी शर्तें लागू होंगी ताकि कोई भी आवंटी अपनी दुकान किसी तीसरे व्यक्ति को सबलेट न कर सके। व्यापार की मूल प्रकृति बदलने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। यदि टेंडर प्रक्रिया में किसी कारणवश देरी होती है, तो अंतरिम व्यवस्था के तौर पर नई तय दरों पर पुराने आवंटियों को नए कियोस्क में बैठाया जाएगा।

यात्रियों के सुगम आवागमन के लिए ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद दफ्तरों को पूरी तरह खाली कराया जाएगा। यूटीसी कार्यालय, यूनियन ऑफिस और हिमाचल रेस्ट रूम को पहले तल पर स्थानांतरित किया जाएगा। इन दफ्तरों के ऊपर जाने से भूतल पर भारी स्थान खाली होगा, जिसे प्रतीक्षारत यात्रियों के बैठने और आवाजाही के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

कर्मचारियों और अधिकारियों की बैठक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान प्रशासनिक कार्यालय को सामने स्थित रेस्टोरेंट नंबर-2 में ले जाया जाएगा। पुराने प्रशासनिक दफ्तर वाले कक्ष को भविष्य में आधुनिक सर्वर रूम और सुरक्षित रिकॉर्ड रूम के रूप में तब्दील किया जाएगा।

बस अड्डे के ए-ब्लॉक में आधुनिक शौचालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। तोड़फोड़, गंदगी और चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के मकसद से शौचालयों के इस्तेमाल पर न्यूनतम यूजर चार्ज तय किया जाएगा। परिसर के अन्य सभी टॉयलेट्स को भी उच्च तकनीकी मानकों पर अपग्रेड किया जाएगा।

आईएसबीटी के सभी प्लेटफार्मों का पुराना फर्श चरणबद्ध तरीके से तोड़ा जाएगा और नया मजबूत फर्श बिछाया जाएगा। इस काम के दौरान प्लेटफार्म पर स्थित दुकानों को अस्थाई रूप से बंद कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान जितने दिन दुकानें बंद रहेंगी, उन दिनों का किराया समायोजित करने अथवा नियमानुसार माफ करने पर सहमति बनी है।

परिसर के भीतर ऑनलाइन टैक्सी पकड़ने वाले यात्रियों को अब इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। ओला और उबर जैसी ऐप आधारित कैब सेवाओं के लिए आईएसबीटी के भीतर अलग से डेडिकेटेड पिक-अप बूथ बनाए जाएंगे। इस कदम से मुख्य द्वार पर लगने वाले जाम और अनधिकृत पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगेगी।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए स्थानीय पुलिस चौकी के साथ मिलकर नियमित गश्त का रोस्टर बनाया जा रहा है। परिसर में असामाजिक तत्वों, शराबियों और चोरों पर शिकंजा कसने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही बस अड्डे की पुरानी हो चुकी स्ट्रीट लाइटों और पोलों को आधुनिक एलईडी लाइटों से बदला जाएगा।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की बिजली सप्लाई को बिना रुकावट जारी रखने के लिए डीजी रूम से प्लांट तक 415 मीटर लंबी आर्मर्ड एल्यूमिनियम एलटी केबल बिछाई जाएगी। इसके लिए 400 मीटर लंबी 75 एमएम एचडीपीई पाइपलाइन डालने की तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निर्माण कार्यों के मलबे, लोहे और पुरानी टिन शेड का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री के जमावड़े से यात्रियों को चलने-फिरने में हो रही दिक्कतों को देखते हुए चरणबद्ध नीलामी और सफाई का काम साथ-साथ चलेगा।

मॉल परिसर के बाहर एनएचएआई का दफ्तर हटने और नाले का काम पूरा होने के बाद खाली पड़ी जमीन पर तारबाड़ की जाएगी। इस खुली जगह को सुंदर बनाने के लिए हार्टिकल्चर विंग पौधारोपण करेगा ताकि अवैध रेहड़ी-पटरी और गंदगी पर रोक लग सके।

मॉल के भीतर खराब पड़े आठ ड्रिंकिंग वाटर पैनलों को बदलकर उनकी मोटरों की ओवरहॉलिंग कराई जाएगी। पंप रूम में जमीन से आने वाले सीपेज और जलभराव को रोकने के लिए नया डी-वाटरिंग पंप स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 11 केवी वैक्यूम सर्किट ब्रेकर रूम और आरएमयू रूम में जलभराव की समस्या को तकनीकी उपायों से स्थायी रूप से खत्म किया जाएगा।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि आईएसबीटी और मॉल शहर की प्रमुख सार्वजनिक संपत्तियां हैं, जहां आने वाले प्रत्येक यात्री को विश्वस्तरीय सुविधाएं और सुरक्षित माहौल देना पहली प्राथमिकता है। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने सभी विभागीय अभियंताओं को तय समयसीमा के भीतर धरातल पर काम पूरा करने की हिदायत दी है।

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