दून हॉराइज़न, काशीपुर (13 सितंबर): उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में दोस्ती, नशा और वीडियो के सहारे लाखों रुपये ऐंठने वाले एक अंतरराज्यीय वसूली नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। तमंचे के बल पर बंधक बनाकर अश्लील फुटेज तैयार करने और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर वसूली करने वाले मुख्य साजिशकर्ता को पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी बिजनौर का रहने वाला है।
घटना की शुरुआत 10 अगस्त को हुई, जब कुंडेश्वरी इलाके के एक स्थानीय नागरिक ने काशीपुर कोतवाली में तहरीर दी। पीड़ित का आरोप था कि कुछ परिचित और अज्ञात लोगों ने उसे बहला-फुसलाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया। जब वह सुधबुध खो बैठा, तो उसका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद आरोपियों ने तमंचे की नोक पर मारपीट की और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये की रंगदारी (Blackmail Extortion) वसूल ली।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति ने तुरंत कड़े निर्देश दिए। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 308(5) और 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज कर उपनिरीक्षक मनोज धौनी को विवेचना सौंपी गई।
प्रतापपुर बैरियर पर घेराबंदी, बिजनौर का शातिर गिरफ्तार
एसएसपी के आदेश पर बनी स्पेशल टीम ने सर्विलांस और मुखबिर नेटवर्क के जरिए सुरागरसी शुरू की। 12 सितंबर को सटीक सूचना मिली कि मुख्य आरोपी रामनगर रोड से होकर भागने की फिराक में है। कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रामनगर रोड स्थित प्रतापपुर बैरियर पर नाकाबंदी की और सफेद रंग की संदिग्ध कार को घेर लिया।
कार से 32 वर्षीय राजेंद्र कुमार (पुत्र स्वर्गीय सतनाम सिंह, निवासी बैराज कॉलोनी, शक्तिनगर, जिला बिजनौर) को हिरासत में ले लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से पीड़ित से वसूली गई रकम में से 1 लाख रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की जा रही कार बरामद की गई।
जाली नोट से लेकर धोखाधड़ी तक पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर के अनुसार पूछताछ में राजेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को फंसाने की पूरी साजिश रची थी।
राजेंद्र कोई नया अपराधी नहीं है। उसका उत्तराखंड की सीमा से सटे इलाकों में पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2022 में आईटीआई थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 417, 420, 468 और 471 (जालसाजी और धोखाधड़ी) का मामला दर्ज हुआ था। इसके ठीक अगले साल, 2023 में काशीपुर कोतवाली में ही उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 489A, 489B, 489C और 34 के तहत जाली करेंसी नोट (Fake Currency) रखने और चलाने का संगीन मुकदमा दर्ज किया गया था।
अब पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह ने तराई और कुमाऊं मंडल के अन्य शहरों में भी इसी तरह के हनीट्रैप या ब्लैकमेलिंग के जाल में लोगों को फंसाया है। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें दबिश दे रही हैं।









