दून हॉराइज़न, देहरादून (14 सितम्बर): राजधानी के पटेल नगर इलाके में वैवाहिक रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति पर न सिर्फ बेरहमी से मारपीट कर तीन तलाक (Triple Talaq) देने का आरोप लगाया, बल्कि सुलह के नाम पर अपने ही जीजा (बहनोई) से हलाला करवाने का जबरन दबाव डालने का सनसनीखेज खुलासा किया है।
तहरीर मिलते ही एक्शन में आई पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
बिजनौर से दून तक का सफर और ढाई साल में बिखरा वैवाहिक जीवन
पीड़िता ने कोतवाली में दी लिखित शिकायत में बताया कि उसका निकाह करीब ढाई साल पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित इस्लामपुर निवासी फरमान के साथ हुआ था। निकाह के बाद फरमान रोजी-रोटी के सिलसिले में उसे देहरादून ले आया, जहां दोनों पटेल नगर क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहे थे।
महिला का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही कलह शुरू हो गई। करीब चार महीने पहले घर में मामूली विवाद के दौरान शौहर ने अपनी बहन की मौजूदगी में उसे एकाएक तीन तलाक बोल दिया। एकाएक बेसहारा हुई पीड़िता उस वक्त अपने मायके लौट गई, मगर वह लगातार अपना घर बचाने की जुगत में लगी रही।
ससुराल में बर्बरता और फिर सुलह के पीछे हलाला का खतरनाक खेल
घर बसाने की अंतिम उम्मीद लेकर पीड़िता बीती 14 जुलाई को बिजनौर स्थित अपने ससुराल पहुंची थी। वहां उसने पति और ससुरालियों के सामने हाथ जोड़कर तीन तलाक वापस लेने और फिर से साथ रखने की गुहार लगाई। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे बुरी तरह पीटा और धक्का देकर घर से बेदखल कर दिया।
लाचार होकर पीड़िता देहरादून लौटी और अपनी बहनों के यहां पनाह ली। कुछ दिन बाद फरमान खुद देहरादून पहुंचा। उसने पत्नी से पुरानी गलतियों की माफी मांगी और साथ रहने का वादा किया। लेकिन इस सुलह के पीछे उसने एक घिनौनी शर्त रख दी।
पति ने साफ कहा कि दोबारा निकाह तभी मुमकिन है जब वह उसके बहनोई के साथ हलाला (Halala) की प्रक्रिया पूरी करे। पति लगातार इस अनैतिक शर्त को मानने का मानसिक दबाव बना रहा था, जिससे तंग आकर महिला सीधे कोतवाली जा पहुंची।
बीएनएस और तीन तलाक कानून में शिकंजा, पुलिस खंगाल रही डिजिटल साक्ष्य
पटेल नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर ने बताया कि महिला की तहरीर को बेहद गंभीरता से लिया गया। पुलिस ने आरोपी फरमान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 85 (महिला के प्रति पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता) और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर आरोपी शौहर को दबोच लिया। मामले में फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टीम को भी सक्रिय किया गया है, क्योंकि पीड़िता ने धमकी और दबाव से जुड़े मोबाइल मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग और वॉट्सऐप चैट पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस का कहना है कि ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।









