दून हॉराइज़न, देहरादून (15 सितंबर): राजधानी से सटे सहसपुर के रामपुर चौई बस्ती में तीन साल पहले हुए एक अंतरधार्मिक विवाह को लेकर तनाव गहरा गया है। गैर-समुदाय में शादी करने वाले युवक कृष्ण कुमार ने ससुराल पक्ष और स्थानीय ग्रामीणों पर जबरन धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) का दबाव बनाने, जान से मारने की धमकी देने और घर में घुसकर पीटने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के सड़क पर उतरने से इलाके में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
शादी के 3 साल बाद अचानक बढ़ा विवाद
रामपुर चौई बस्ती निवासी कृष्ण कुमार ने सहसपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व उसने क्षेत्र की ही सादिया के साथ विवाह किया था। शादी के बाद से ही उस पर अपना धर्म बदलने का दबाव डाला जा रहा था, जिसका वह लगातार विरोध कर रहा था। आरोप के मुताबिक, 12 सितंबर की रात विरोध चरम पर पहुंच गया जब आरोपियों ने उसके घर पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान उसकी पत्नी को भी जबरन कमरे से बाहर धकेल दिया गया और घर के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया गया।
बीडीसी सदस्य समेत 6 नामजद, पुलिस जांच में जुटी
सहसपुर कोतवाल मनोज नौटियाल के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर सलमान, उस्मान, कुन्नू, इस्लाम, इस्लाम की पत्नी भूरी और क्षेत्र के एक स्थानीय बीडीसी सदस्य के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों और पड़ोसियों के बयानों के आधार पर साक्ष्य जुटाने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद आरोपियों की धरपकड़ शुरू की जाएगी।
थाने का घेराव और पुलिसकर्मी पर डराने के आरोप
मामले की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता लामबंद हो गए और सोमवार को सहसपुर कोतवाली का घेराव कर दिया। विहिप के जिलाध्यक्ष रमेश ढौंढ़ियाल और जिला संयोजक शेखर बंसल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
संगठन का आरोप है कि जब पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए पहले पुलिस के पास पहुंचा था, तब सुरक्षा देने के बजाय एक सिपाही ने उल्टे उसे ही धमकाकर मामला दबाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि धर्मांतरण के दबाव और दोषी पुलिसकर्मी के आचरण दोनों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून लागू होने के मद्देनजर पुलिस प्रशासन अब इस संवेदनशील मामले को लेकर बेहद सतर्क है।









