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क्या दून के कॉलेजों में पैर पसार रहा दिल्ली का ड्रग सिंडिकेट? 6 छात्रों की गिरफ्तारी से हुआ बड़ा खुलासा

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दून हॉराइज़न, देहरादून (23 सितंबर) : राजधानी की शांत वादियों में उच्च शिक्षा हासिल करने आए तकनीकी छात्रों का एक गिरोह अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। राजपुर थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात दो अलग-अलग संवेदनशील पॉइंट्स पर घेराबंदी कर दिल्ली के कुख्यात ‘सिद्धू गैंग’ के छह पेडलर्स को गिरफ्तार किया।

पकड़े गए सभी आरोपी शहर के जाने-माने तकनीकी संस्थानों के छात्र हैं, जो अपने खर्चीले लाइफस्टाइल और महंगे शौक पूरे करने के चक्कर में पार्टी ड्रग्स के अवैध कारोबार में उतर गए थे।

पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 44.61 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली एमडीएमए (MDMA – Methylenedioxymethamphetamine) बरामद की है, जिसकी ओपन मार्केट में अनुमानित कीमत करीब 4.5 लाख रुपये आंकी गई है।

आधी रात को ओल्ड मसूरी रोड और सहस्त्रधारा में घेराबंदी

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत पुलिस टीम ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर जाल बिछाया। पहली कार्रवाई ओल्ड मसूरी रोड स्थित शहंशाई रिजॉर्ट के पास हुई, जहां संदिग्ध मारुति इग्निस कार (UK 07 DE 4167) को रोककर तलाशी ली गई।

कार सवार चार युवकों—वेदांत चौहान (21), रचित शर्मा (21), श्रीकांत ममगाई (22) और चिराग रस्तोगी (24)—के पास से 27.12 ग्राम एमडीएमए और 12 पैकेजिंग पाउच बरामद हुए। ये चारों आरोपी रायपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्लों (नालापानी, लाडपुर, अधोईवाला) के निवासी हैं।

दूसरी कार्रवाई सहस्त्रधारा हेलीपैड रोड पर हुई। वहां बाइक व पैदल मूवमेंट पर नजर रख रही टीम ने अभिषेक थापा (21) और वैभव ममगांई (21) को रोका। तलाशी में दोनों के पास से 17.49 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई।

दिल्ली का सिद्धू गैंग और कॉलेज हॉस्टल्स में डिलीवरी नेटवर्क

पूछताछ के दौरान सामने आया कि यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से संचालित हो रहा था। गिरोह का मुख्य सरगना दिल्ली निवासी सिद्धार्थ उर्फ ‘सिद्धू’ है। सिद्धू या तो अपने चुनिंदा कैरियरों के जरिए देहरादून के विभिन्न कैफे व होटल पॉइंट्स पर ड्रग्स की डिलीवरी भेजता था, या फिर ये छात्र खुद बस और निजी वाहनों से पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जाकर माल उठाते थे।

गिरफ्तार छात्रों का मुख्य टारगेट देहरादून, झाझरा, सेलाकुई और प्रेमनगर क्षेत्र के निजी विश्वविद्यालयों व हॉस्टल्स में रहने वाले रईस छात्र थे। प्रति ग्राम एमडीएमए को 8,000 से 10,000 रुपये तक के प्रीमियम रेट पर बेचा जाता था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पब, रेव पार्टियों और वीकेंड गेट-टुगेदर में यह माल खपाया जा रहा था।

एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज, सरगना सिद्धू की तलाश तेज

थाना राजपुर में सभी छह आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/21/29/60 के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। तस्करी में प्रयुक्त इग्निस कार को धारा 60 के तहत जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इन छात्रों के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि मनी ट्रेल का पता लगाया जा सके।

पुलिस कप्तान के अनुसार, अंतरराज्यीय ड्रग सप्लायर सिद्धू की गिरफ्तारी के लिए दून पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और एएनटीएफ की संयुक्त टीम को दिल्ली व एनसीआर के संभावित ठिकानों के लिए रवाना किया जा रहा है।

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