देहरादून के इंजीनियर्स एन्कलेव में बिना नक्शा पास कराए बन रहे व्यावसायिक निर्माण को एमडीडीए ने पुलिस बल के साथ सील कर दिया। जानिए पूरा मामला।
देहरादून (16 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून के पॉश रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण के खेल पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने शुक्रवार को कड़ा प्रहार किया। कावली स्थित इंजीनियर्स एन्कलेव में बिना मानचित्र स्वीकृति के खड़े किए जा रहे टिन शेड और व्यावसायिक कमरों को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सील कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माणकर्ता अनिल सक्सेना एवं अन्य को पहले काम रोकने का नोटिस दिया गया था, लेकिन नियमों को दरकिनार कर स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा था।
इंजीनियर्स एन्कलेव में अवैध व्यावसायिक परिसर हुआ सील
कावली क्षेत्र के मिलन विहार के ठीक सामने इंजीनियर्स एन्कलेव में व्यावसायिक उपयोग के लिए टिन शेड और पक्के कमरों का ढांचा खड़ा किया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एमडीडीए की टीम ने मौके की जांच की तो पता चला कि इसके लिए कोई भी लेआउट या नक्शा पास नहीं कराया गया था। शुक्रवार को सीलिंग की यह कार्रवाई किसी भी संभावित विरोध को रोकने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती में पूरी की गई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने मुख्य गेट को सील कर उस पर आधिकारिक नोटिस चस्पा कर दिया है।
सुनवाई में नक्शा दिखाने में नाकाम रहे निर्माणकर्ता
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया के अनुसार, संबंधित पक्ष को उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं में कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। मामले में वाद योजित कर 12 अक्टूबर 2026 को प्राधिकरण कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई की तारीख तय की गई थी। निर्माणकर्ता अनिल सक्सेना पक्ष सुनवाई में पेश तो हुआ, लेकिन व्यावसायिक निर्माण की अनुमति से जुड़ा कोई भी वैध सरकारी अभिलेख या स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं कर सका। दिए गए जवाब से असंतुष्ट होकर प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से सीलिंग का आदेश पारित किया।
देहरादून में अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सीधी चेतावनी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि राजधानी देहरादून और मसूरी में अनियंत्रित और अवैध विकास किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार के आवासीय अथवा व्यावसायिक निर्माण से पूर्व अनिवार्य रूप से मानचित्र स्वीकृत कराएं।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि यदि बिना अनुमति निर्माण कार्य जारी रखा गया या सील से छेड़छाड़ की कोशिश हुई, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराने और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। पूरे शहर में ऐसे अवैध ढांचों को चिह्नित करने के लिए विशेष टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।









