उत्तराखंड में 62 सरकारी स्कूल उच्चीकृत हुए हैं। मंत्री धन सिंह रावत ने ई-लोकार्पण कर दाखिले शुरू कराए। जानिए दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के छात्रों को क्या लाभ मिलेगा।
देहरादून (16 अक्टूबर) : पिथौरागढ़ के जिबली और चमोली के मानमती जैसे दुर्गम पर्वतीय इलाकों में ग्रामीणों के लंबे धरने और संघर्ष को आखिरकार बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य सरकार ने जनदबाव और स्थानीय मांग को देखते हुए प्रदेशभर के 62 विद्यालयों का उच्चीकरण कर दिया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब स्टूडियो से इन सभी 62 नव उच्चीकृत विद्यालयों का वर्चुअल माध्यम से ई-लोकार्पण किया।
इसके साथ ही इन स्कूलों में 9वीं और 11वीं की बड़ी कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है, जिससे दूरदराज के बच्चों को अब आगे की पढ़ाई के लिए घर से दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
ग्रामीणों का संघर्ष लाया रंग, 62 स्कूल उच्चीकृत
विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ई-लोकार्पण के दौरान माना कि इन विद्यालयों को अपग्रेड करने के लिए स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधि लंबे समय से मुखर थे। सीमांत पिथौरागढ़ के जिबली और चमोली के मानमती जैसे दुर्गम क्षेत्रों में ग्रामीणों को अपने बच्चों के भविष्य के लिए आंदोलन और धरने का सहारा लेना पड़ा था।
जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने 8 विद्यालयों को हाईस्कूल और 54 विद्यालयों को सीधे इंटरमीडिएट स्तर पर क्रमोन्नत कर दिया है। सरकार का दावा है कि इस कदम से पहाड़ के सुदूर गांवों में कक्षा 8 और 10 के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं की ड्रॉपआउट दर में भारी गिरावट आएगी और बेटियों को सबसे अधिक सहूलियत मिलेगी।
जिबली और मानमती में धरने पर बैठे लोग
उत्तराखंड के विषम भूगोल में हाईस्कूल या इंटर कॉलेज न होने की वजह से 10 से 15 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई बच्चों की पढ़ाई में सबसे बड़ा रोड़ा रही है। चमोली के मानमती और पिथौरागढ़ के जिबली में जब स्थानीय स्तर पर कई बार गुहार लगाने के बाद भी बात नहीं बनी, तो ग्रामीणों ने कक्षाओं के उच्चीकरण के लिए मोर्चा खोल दिया था। जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा चंपावत और उधमसिंह नगर में 8-8 विद्यालय, हरिद्वार में 7 और नैनीताल में 6 स्कूलों को उच्चीकृत किया गया है। इसके अलावा टिहरी व बागेश्वर में 5-5, पौड़ी व चमोली में 4-4 तथा देहरादून, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में 3-3 विद्यालयों का दर्जा बढ़ाया गया है।
शिक्षकों और फर्नीचर की कमी दूर करने के निर्देश
स्कूलों के उच्चीकरण के साथ ही धरातल पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए शिक्षा मंत्री ने कड़े तेवर दिखाए हैं। डॉ. रावत ने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को सख्त हिदायत दी है कि उच्चीकृत हुए इन 62 विद्यालयों में फर्नीचर, प्रयोगशाला और शिक्षकों की कमी को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए।
इसके साथ ही माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि इंटरमीडिएट तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने और बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत रिजल्ट सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इस ई-लोकार्पण कार्यक्रम में थराली विधायक भोपाल राम टम्टा, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान और शिक्षा सचिव ज्योति यादव सहित शिक्षा महकमे के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।









