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Bear Attack Uttarkashi : उत्तरकाशी में ग्रामीण पर भालू का जानलेवा हमला, गंभीर हालत में दून एयरलिफ्ट

उत्तरकाशी के बड़कोट में भालू के हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, दून एयरलिफ्ट। आपदा रिपोर्ट में वन्यजीव संघर्ष से 16 मौतों और 26 घायलों की पुष्टि हुई।

देहरादून (16 अक्टूबर) : उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में शुक्रवार शाम रास्ते में अचानक हुए भालू के हमले में एक ग्रामीण लहूलुहान हो गया, जिसे नाजुक हालत में प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर से दून अस्पताल रेफर किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (यूएसडीएमए) द्वारा शुक्रवार शाम जारी आपदा बुलेटिन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि प्रदेश में आपदा से हुई कुल 69 मौतों में 16 मौतें अकेले मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण हुई हैं, जबकि 76 घायलों में 26 लोग जंगली जानवरों के हमले का शिकार बने हैं।

बड़कोट में भालू का खूनी हमला, ग्रामीण एयरलिफ्ट

जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र उत्तरकाशी से प्राप्त आधिकारिक सूचना के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे तहसील बड़कोट के ग्राम तियाँ के समीप रास्ते में चल रहे रणवीर सिंह पर भालू ने अचानक हमला बोल दिया। भालू के पंजों और दांतों से बुरी तरह जख्मी हुए रणवीर सिंह की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े, तब जाकर जंगली जानवर जंगल की ओर भागा।

परिजनों और ग्रामीणों ने लहूलुहान अवस्था में उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कफनौल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर प्रशासन ने उन्हें हैली सेवा के माध्यम से राजकीय दून चिकित्सालय देहरादून रेफर कर दिया।

आपदा रिपोर्ट में वन्यजीव संघर्ष का खौफनाक आंकड़ा

राज्य आपदा परिचालन केन्द्र के ताज़ा बुलेटिन में दर्ज आंकड़े पर्वतीय इलाकों में इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की गंभीर तस्वीर पेश कर रहे हैं। रिपोर्ट के नोट में स्पष्ट किया गया है कि राज्य आपदा सूची में दर्ज कुल 69 मृतकों में से 16 मौतें और कुल 76 घायलों में से 26 घायल अकेले वन्य जीव संघर्ष के कारण हुए हैं। पहाड़ों में सर्दियां शुरू होते ही भोजन और पानी की तलाश में भालू और गुलदार बस्तियों व पैदल रास्तों का रुख करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र से सटे रास्तों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से खेतों और पगडंडियों पर चलना जोखिम भरा हो गया है।

जंगलों के रास्तों पर सतर्कता और प्रशासनिक कदम

घटना के बाद बड़कोट तहसील और वन विभाग की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। दूसरी तरफ, टिहरी बांध का जलस्तर शाम 4:00 बजे 829.42 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के 830 मीटर के स्तर से महज 0.58 मीटर नीचे है और बांध से 6475 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चम्पावत में बिजली चमकने व 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में पक्के मकानों में रहने और जंगलों से सटे मार्गों पर अकेले निकलने से बचने की हिदायत दी है।

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