देहरादून में दीपावली पर पटाखा बिक्री को लेकर प्रशासन ने कड़े नियम तय किए हैं। स्कूल-अस्पताल के पास दुकानें बैन रहेंगी और लाइव सीसीटीवी जरूरी होगा।
देहरादून (17 अक्टूबर) : देहरादून जिला प्रशासन ने दीपावली पर्व को लेकर जिले में पटाखा बिक्री और भंडारण के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। शहर के घने बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों, अदालतों और धार्मिक स्थलों के आसपास पटाखा दुकानें लगाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा और निगरानी को केंद्र में रखते हुए आठ अहम फैसले लिए गए। इस बार पटाखा बिक्री स्थलों की लाइव सीसीटीवी फीड सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को देनी होगी, जबकि महिला सुरक्षा के लिए प्रमुख बिक्री केंद्रों पर विशेष पिंक बूथ तैनात किए जाएंगे।
पटाखा बिक्री स्थलों पर सीसीटीवी और पिंक बूथ
दीपावली के दौरान शहर में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तकनीक और पुलिस बल का साझा खाका तैयार किया है। जिलाधिकारी की मौजूदगी में तय हुआ कि सभी अधिकृत पटाखा बिक्री केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, जिनकी लाइव फीड मुख्य नियंत्रण कक्ष से जोड़ी जाएगी।
इसके अलावा, बाजारों में महिलाओं और परिवारों की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख बिक्री स्थलों पर पिंक बूथ (महिला सहायता बूथ) बनाए जाएंगे, जहां महिला पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती रहेगी। अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें संकरी गलियों और संवेदनशील बस्तियों में लगातार गश्त करेंगी।
स्कूल-अस्पताल के पास पाबंदी और लाइसेंस प्रक्रिया
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मौजूद दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और व्यापारियों को सख्त हिदायत दी गई कि साइलेंस जोन व संकरे बाजारों में किसी भी सूरत में बारूद या पटाखों का भंडारण नहीं होगा।
पटाखा कारोबार के लिए लाइसेंस आवेदन की प्रक्रिया 19 अक्टूबर से शुरू होकर 30 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। प्रशासन ने व्यापारियों को राहत देते हुए इस बार भी लाइसेंस शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की है और इसे पूर्व की तरह 850 रुपये पर ही बरकरार रखा है।
सात दिन की वैधता और अवैध बिक्री पर कार्रवाई
जिला प्रशासन की ओर से जारी किए जाने वाले अस्थायी पटाखा लाइसेंस केवल 03 नवंबर से 09 नवंबर 2026 तक यानी कुल सात दिनों के लिए ही मान्य होंगे। अवधि समाप्त होते ही तय स्थानों से दुकानें हटानी होंगी। पुलिस व प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि बिना अनुमति या निर्धारित मानकों के खिलाफ पटाखा बेचने वालों के खिलाफ जब्ती और मुकदमों की कार्रवाई की जाएगी। अवैध पटाखों की आमद रोकने के लिए जनपद की सीमाओं और ट्रांसपोर्ट गोदामों पर भी चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।









