अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI ने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ से हरिद्वार में 3 घंटे की पूछताछ। माता-पिता की CBI चीफ से मुलाकात के तुरंत बाद एक्शन।
हरिद्वार (17 अक्टूबर) : अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर परिजनों की दिल्ली में सीबीआई डायरेक्टर से मुलाकात के ठीक 24 घंटे के भीतर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा एक्शन लिया है। जांच एजेंसी की टीम ने शनिवार देर शाम ज्वालापुर से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ को उनके आवास से हिरासत जैसी स्थिति में लिया और शिवालिक गेस्ट हाउस ले जाकर बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक तीखे सवाल दागे।
हत्याकांड से जुड़े कथित वायरल ऑडियो टेप और राजनीतिक रसूखदारों के रोल को लेकर हुई इस लंबी पूछताछ के बाद उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
माता-पिता की मुलाकात के बाद सीबीआई की सख्त पूछताछ
सीबीआई की टीम शनिवार देर शाम अचानक पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ के आवास पर पहुंची और उन्हें सीधे शिवालिक गेस्ट हाउस ले जाया गया। तीन घंटे चली इस सघन पूछताछ के दौरान अंकिता केस से जुड़े पुराने घटनाक्रमों और पूर्व में सामने आए तथ्यों पर विस्तृत बयान दर्ज किए गए। पूछताछ खत्म होने के बाद राठौड़ ने दावा किया कि उन्होंने जांच अधिकारियों के हर सवाल का बिंदुवार जवाब दिया है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
हालांकि, जब उनसे वायरल ऑडियो में सामने आई अभिनेत्री उर्मिला सनावर को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला रुख अपनाते हुए कहा कि वह किसी उर्मिला को नहीं जानते। उधर, कार्रवाई की भनक लगते ही राठौड़ के आवास पर सन्नाटा पसर गया और परिजनों ने एजेंसी की आमद की भनक होने से इनकार किया।
वायरल ऑडियो टेप और दर्ज मुकदमों का कानूनी पेच
पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ का नाम इस प्रकरण में तब उछला था, जब उनका और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस ऑडियो में अंकिता केस और कई रसूखदारों से जुड़े सनसनीखेज दावे किए गए थे। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने तेजी दिखाते हुए देहरादून के नेहरू कॉलोनी, डालनवाला और हरिद्वार के बहादराबाद व झबरेड़ा थानों में कुल चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित एसआईटी ने पहले भी सुरेश राठौड़ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, हालांकि बाद में उन्हें हाईकोर्ट से दो मामलों में फौरी राहत मिल गई थी। अब सीबीआई इसी ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की कड़ियों को केस डायरी से जोड़ रही है।
गेस्ट हाउस में बयान दर्ज, आगे बढ़ सकती है जांच
सीबीआई की यह कार्रवाई इस मायने में बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि अंकिता के माता-पिता ने एक दिन पहले ही नई दिल्ली में सीबीआई के शीर्ष अधिकारियों से मिलकर हत्याकांड के वीआईपी एंगल और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई थी। जांच एजेंसी अब तक जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों, ऑडियो क्लिप्स और पूर्व में एसआईटी द्वारा दाखिल चार्जशीट के बयानों का मिलान कर रही है। कानूनी जानकारों का मानना है कि पूछताछ में दर्ज बयानों के आधार पर एजेंसी आने वाले दिनों में उर्मिला सनावर समेत ऑडियो से जुड़े अन्य किरदारों को भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ के लिए समन जारी कर सकती है।









