राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 1 व 2 नवंबर का उत्तराखंड दौरा स्थगित हो गया है। केदारनाथ कपाट 11 नवंबर को बंद होने हैं, जिससे नए शेड्यूल पर संशय बढ़ गया है।
देहरादून (30 अक्टूबर) : देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 1 और 2 नवंबर को प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा अचानक टल गया है। 11 नवंबर को केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, और कपाट बंदी की उल्टी गिनती के बीच ऐन वक्त पर यह दौरा स्थगित होने से इस साल बाबा केदार के दर्शन को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। राष्ट्रपति सचिवालय ने 29 अक्टूबर को उत्तराखंड शासन को आधिकारिक पत्र भेजकर कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना दी, जिसके तुरंत बाद देहरादून से लेकर रुद्रप्रयाग तक चल रही सुरक्षा और प्रोटोकॉल की तमाम व्यवस्थाएं रोक दी गई हैं।
कपाट बंदी से पहले केदारनाथ दर्शन पर संशय
तय कार्यक्रम के मुताबिक राष्ट्रपति को 1 नवंबर को देहरादून पहुंचना था और अगले दिन 2 नवंबर की सुबह केदारनाथ धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करनी थी। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने अंतिम चरण में है और रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को सुबह 8:15 बजे विधि-विधान से बंद होने हैं। कपाट बंद होने में अब महज 11 दिन शेष हैं। ऐसे में इतने सीमित समय में क्या राष्ट्रपति का नया यात्रा कार्यक्रम तय हो पाएगा या फिर दर्शन के लिए अगले साल कपाट खुलने का इंतजार करना पड़ेगा, इसे लेकर कयास तेज हो गए हैं।
राष्ट्रपति भवन के पत्र में नहीं बताई वजह
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को भेजे गए पत्र में दौरा स्थगित करने के पीछे का कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है। 29 अक्टूबर को जारी इस पत्र में सिर्फ पूर्व निर्धारित 1 और 2 नवंबर के कार्यक्रम को टालने की बात दर्ज है। शासन स्तर पर अचानक पहुंचे इस संदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आमतौर पर अतिविशिष्ट दौरों के अचानक टलने के पीछे मौसम की खराबी या केंद्र स्तर पर अचानक बनी जरूरी व्यस्तताएं मुख्य वजह होती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई स्थिति साफ नहीं की गई है।
रुद्रप्रयाग से देहरादून तक थमा सुरक्षा प्रोटोकॉल
दौरे की तारीख नजदीक होने के कारण उत्तराखंड पुलिस, गढ़वाल कमिश्नरी और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन दिन-रात तैयारियों में जुटा हुआ था। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर केदारनाथ हेलीपैड तक सुरक्षा चक्र, हेलीकॉप्टर ट्रायल, वीवीआईपी सेफ हाउस और स्वास्थ्य टीमों की तैनाती को अंतिम रूप दिया जा रहा था। मुख्य सचिव को पत्र मिलते ही शासन ने सभी विभागों को तैयारियां तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल राज्य सरकार की नजरें राष्ट्रपति भवन से जारी होने वाली नई तारीख और नए कार्यक्रम पर टिकी हैं।









