देहरादून के रानीपोखरी में एमडीडीए ने 8 से 10 बीघा जमीन पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त किया, जमीन लेने से पहले जांच की सलाह।
देहरादून, 04 नवम्बर : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बुधवार को रानीपोखरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चला दिया। प्राधिकरण की टीम ने करीब 8 से 10 बीघा जमीन पर बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी की बाउंड्रीवाल और रास्तों को जमींदोज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बिना लेआउट पास कराए कॉलोनियां काटने वालों में खलबली मच गई है।
प्राधिकरण के मुताबिक रानीपोखरी क्षेत्र में जितेंद्र बिष्ट और विजय प्रसाद जोशी की ओर से बड़े रकबे पर बिना लेआउट और नक्शा पास कराए भूखंड काटकर बेचे जा रहे थे। शिकायत और प्राथमिक जांच के बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से तैयार की गई सड़कों, पिलर और चहारदीवारी को पूरी तरह तोड़ दिया। मौके पर बिना पंजीकरण और स्वीकृति के किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा दी गई है।
बिना अनुमति प्लॉट काटने वालों पर सीधी कार्रवाई
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण के दायरे में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो कॉलोनाइजर नियमों की अनदेखी कर खेती या खुली भूमि पर बिना अनुमति के प्लॉटिंग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उपाध्यक्ष ने क्षेत्रीय फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में निगरानी बढ़ाएं और जहां भी कच्ची सड़कें या अवैध प्लॉटिंग दिखती है, उस पर तुरंत कार्रवाई करें।
भूखंड खरीदने से पहले करें वैधता की जांच
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रवर्तन टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी गाढ़ी कमाई लगाने से पहले संबंधित जमीन का एमडीडीए से स्वीकृत लेआउट और वैधता प्रमाणपत्र जरूर जांच लें। सचिव के अनुसार बिना नक्शा पास कराए विकसित की गई कॉलोनियों में बाद में पानी, बिजली, सीवर और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की बड़ी समस्या खड़ी होती है, साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई की तलवार भी लटकी रहती है।









