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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का फरार पति झांसी से गिरफ्तार, नेपाल भागने की थी साजिश

मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को दून पुलिस ने झांसी से गिरफ्तार किया है। वह धोखाधड़ी व हत्या की साजिश में फरार था और नेपाल भागने की फिराक में था।

देहरादून, 07 नवंबर: उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू को देहरादून पुलिस की एसआईटी (SIT) ने गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी की ओर से धोखाधड़ी, हत्या की साजिश और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के झांसी से दबोचा है, जबकि इस मामले में सह-आरोपी उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी पुलिस से बचने के लिए गोरखपुर के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था।

अग्रिम जमानत हो चुकी थी खारिज

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया था कि गिरधारी लाल ने पहली शादी की बात छिपाकर उनसे विवाह किया था। इसके अलावा उन पर मारपीट, उत्पीड़न, कर्मचारियों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने भी उसके खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द करने से इनकार कर दिया था। पुलिस पूछताछ के लिए उसे तीन नोटिस भेज चुकी थी, जिसके बाद न्यायालय से गैर जमानती वारंट हासिल किया गया था।

44 मुकदमों का पुराना आपराधिक इतिहास

गिरधारी लाल साहू का लंबा पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत 44 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस द्वारा गठित की गई नौ सदस्यीय एसआईटी ने मामले की जांच के दौरान कुछ अहम ऑडियो क्लिप भी अपने कब्जे में लिए हैं और विभिन्न गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल के निर्देश पर एसपी (देहात) जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।

फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनियों से हटाया

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरधारी लाल साहू ने अपने 40 वर्षीय भतीजे सतेंद्र राठौर के साथ मिलकर मंत्री रेखा आर्या के फर्जी हस्ताक्षर किए थे। कूट रचित दस्तावेजों के सहारे रेखा आर्या को चार कंपनियों-देवों के देव महादेव, बनखण्डी रुद्राक्ष धाम, श्री अम्बे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री बनखण्डी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड-के निदेशक पद से हटा दिया गया था। साजिश के तहत उनकी जगह भतीजे सतेंद्र को इन चारों कंपनियों में निदेशक बना दिया गया था। इसी फर्जीवाड़े के सबूत मिलने और संलिप्तता सामने आने के बाद एसआईटी ने भतीजे को भी मुकदमे में नामजद कर बरेली से गिरफ्तार कर लिया है।

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