रुद्रप्रयाग, 23 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। श्री केदारनाथ धाम में एक श्रद्धालु के निधन के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही चर्चाओं को जिला प्रशासन ने पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन करार दिया है। प्रशासन ने घटना का विस्तृत ब्यौरा जारी करते हुए स्पष्ट किया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों के बावजूद यात्री को बचाने और उसके बाद की प्रक्रिया में मानवीय संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया।
व्हाइट हाउस के पास अचेत मिले थे श्रद्धालु
जिला प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि केदारनाथ में ‘व्हाइट हाउस’ के समीप एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। मृतक की पहचान गुजरात के जिला गोरवा निवासी 69 वर्षीय श्रद्धालु के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और यात्री की सहायता के लिए तत्काल कदम उठाए गए।
YMF जवानों ने किया रेस्क्यू, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, वाई.एम.एफ. (YMF) के जवानों ने बिना समय गंवाए अचेत यात्री को कंधे पर उठाकर केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, वहां तैनात चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण संभवतः उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन मार्ग और मौसम से जुड़ी चुनौतियां बताई जा रही हैं।
हेलीकॉप्टर के जरिए भेजा गया पार्थिव शरीर
मृतक के शव के प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जैसे ही केदारनाथ में अस्थायी रूप से बाधित हेली सेवा सुचारु हुई, पार्थिव शरीर को तत्काल जामू हेलीपैड भेजा गया। वहां से शव वाहन के माध्यम से उसे आवश्यक कार्यवाही के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया।
भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि वे इस संवेदनशील घटना के संबंध में किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। प्रशासन ने दोहराया कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और केदारनाथ पहुंचने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।









