---Advertisement---

‘RSS नेता का सगा भतीजा है आरोपी प्रमोद नौटियाल’, बदरीनाथ चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

---Advertisement---

देहरादून, 14 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने बदरीनाथ धाम में दानराशि की चोरी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को केवल एक व्यक्ति का अपराध मानने से इनकार कर दिया। दसौनी ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की कार्यप्रणाली और राज्य सरकार की जवाबदेही पर सीधे सवाल खड़े किए हैं।

दानराशि चोरी मामले में पकड़े गए आरोपी का नाम प्रमोद नौटियाल है। वह पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष, पूर्व सूचना आयुक्त और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता विनोद नौटियाल का सगा भतीजा है। प्रमोद नौटियाल को समिति से विनोद नौटियाल के बीकेटीसी अध्यक्ष रहते ही जोड़ा गया था।

प्रमोद नौटियाल के नियमितीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2010 में राज्य सरकार को भेजा गया था। इसे चार साल बाद वर्ष 2014 में शासन से स्वीकृति मिली। शासन से यह स्वीकृति तब आई जब बीकेटीसी के अध्यक्ष पद पर गणेश गोदियाल नियुक्त हो चुके थे।

कांग्रेस के कार्यकाल में भी प्रमोद नौटियाल समिति का हिस्सा था। उस समय दानराशि की चोरी या नोटों की गड्डियों के गायब होने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई। दसौनी ने पूछा कि आज ऐसा कौन-सा वातावरण बन गया है जिसमें वही अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जा रहे हैं।

बीकेटीसी के भीतर भाजपा के वीआईपी नेताओं को विशेष दर्शन कराए जा रहे हैं। इन दर्शनों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के गंभीर आरोप हैं। सीसीटीवी कैमरों में नोटों की गड्डियां गायब होती साफ दिखाई दे रही हैं। सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय विपक्ष पर सवाल उठाकर वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटका रही है।

बीकेटीसी अध्यक्ष की नियुक्ति के समय कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को आगाह किया था। पार्टी ने मांग की थी कि आस्था और विश्वास से जुड़े इस पद पर केवल निष्पक्ष और बेदाग छवि वाले व्यक्ति की नियुक्ति की जाए। इस सलाह को दरकिनार कर दिया गया। आज समिति लगातार विवादों और आरोपों से घिरी हुई है।

कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग रखी है। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। मंदिर की दानराशि की सुरक्षा और समिति की जवाबदेही तय करने में हुई चूक का स्पष्टीकरण होना चाहिए। देवभूमि की आस्था से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : 500 की गड्डियां, सोने के सिक्के और शालिग्राम… इस ‘मोबाइल ट्रिक’ से उड़ाए भगवान के पैसे

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment