देहरादून, 03 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याओं को सुना। इस जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन का आधार है। उन्होंने मौके पर मौजूद मुख्यमंत्री कार्यालय और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
समयबद्ध समाधान और फीडबैक अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को उसकी समस्या पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इन प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी रहीं शिकायतें
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। इसमें प्रमुख रूप से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी, पेयजल की किल्लत, विद्युत आपूर्ति में बाधा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग शामिल रही। इसके अलावा भूमि संबंधी विवादों और अन्य जनहित के विषयों पर भी लोगों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाई।
हिमानी शिवपुरी और आंगनबाड़ी कर्मियों ने की मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों और श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं की सराहना की। वहीं, अपनी मांगों को लेकर मुखर रहने वाली आंगनबाड़ी कर्मियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनकी मांगों पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन से उनमें नई उम्मीद जगी है।
विकास का लक्ष्य, दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे योजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान दोहराया कि राज्य सरकार जनकल्याण और समग्र विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकारी सेवाओं को सरल बनाएं ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।









