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AIIMS Rishikesh : पहाड़ों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत! एम्स ऋषिकेश में अब नहीं खानी पड़ेगी दर-दर की ठोकरें

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देहरादून, 9 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

AIIMS Rishikesh : एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए एक अलग विशेष काउंटर का संचालन शुरू कर दिया गया है। इस नए काउंटर पर ही अब राज्य के मरीजों को ओपीडी पंजीकरण, बिलिंग और डिस्चार्ज जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं मिलेंगी।

बुधवार को एम्स ऋषिकेश परिसर में आयोजित एक समारोह में इस सुविधा की शुरुआत की गई। एम्स की निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह और स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से रिबन काटकर इस एकीकृत ओपीडी काउंटर का उद्घाटन किया।

विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय जनता को अस्पताल में इलाज के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वे इस विशेष सुविधा को शुरू कराने के लिए लंबे समय से लगातार प्रयास कर रहे थे।

एम्स प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ इस संबंध में निरंतर पत्राचार और सीधा संवाद किया गया। लंबे दौर की बातचीत के बाद यह सुविधा साकार रूप में जनता को समर्पित हो सकी है।

यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों से आने वाले मरीजों को इससे सबसे ज्यादा राहत मिलने वाली है।

अब ओपीडी पंजीकरण, बिलिंग, आईपीडी और डिस्चार्ज के लिए अलग-अलग काउंटरों पर नहीं जाना होगा। मरीज और उनके तीमारदार एक ही स्थान पर अपना सारा काम करवा सकेंगे जिससे उनकी भागदौड़ पूरी तरह खत्म हो जाएगी। विभिन्न काउंटरों के बीच मरीजों के भटकने की परेशानी अब बीते दिनों की बात हो जाएगी।

राजधानी देहरादून में भी शहरी व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला हुआ है। शहर के ऐतिहासिक परेड मैदान और गांधी पार्क को आपस में जोड़ते हुए एक विशाल ओपन ग्रीन पार्क विकसित करने की तैयारी चल रही है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में परेड ग्राउंड और सचिवालय भूमिगत पार्किंग परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को इस पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना तत्काल बनाने के निर्देश जारी किए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परेड ग्राउंड में भूमिगत पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। इसके ठीक ऊपर परेड मैदान और गांधी पार्क के खाली हिस्से को आपस में जोड़कर एक खुला हरित क्षेत्र बनाया जाएगा।

इस प्रस्तावित नए ग्रीन पार्क क्षेत्र में किसी भी तरह का नया पक्का या कंक्रीट का निर्माण नहीं किया जा सकेगा। शहर के पर्यावरण को बेहतर रखने और स्थानीय नागरिकों को खुला स्थान देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों से अनिवार्य रूप से विचार-विमर्श किया जाए। इस ग्रीन पार्क को बहुआयामी रूप में तैयार किया जाना तय हुआ है।

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