अंकिता भंडारी प्रकरण में उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का गंभीर आरोप। सूर्यकांत धस्माना ने कहा- नार्को टेस्ट टालने को दर्ज कराए 12 फर्जी मुकदमे।
देहरादून (26 अक्टूबर) : अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम छिपाने के लिए गवाहों का नार्को टेस्ट टालने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सोमवार को कैंप कार्यालय में दावा किया कि उर्मिला सनावर पर ताबड़तोड़ एक दर्जन मुकदमे दर्ज कर जेल इसलिए भेजा गया, ताकि उनका प्रस्तावित नार्को टेस्ट रुक सके। कांग्रेस ने मांग की है कि जांच एजेंसियां किसी भी दबाव में आए बिना उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर का नार्को टेस्ट तुरंत कराएं।
नार्को टेस्ट टालने के लिए दर्ज कराए फर्जी मुकदमे
प्रेस वार्ता के दौरान सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पूरे मामले में कथित वीआईपी का नाम सामने आने का डर शासन-प्रशासन को सता रहा है। धस्माना के अनुसार, यदि वैज्ञानिक जांच के तहत उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर का नार्को टेस्ट पूरा हो जाता है, तो हत्याकांड से जुड़े रसूखदारों के नाम सार्वजनिक हो जाएंगे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इसी खुलासे से बचने के लिए एक सोची-समझी रणनीति के तहत उर्मिला पर बैक-टू-बैक मुकदमे दर्ज कराए गए और उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया, ताकि कानूनी दांवपेंच में नार्को टेस्ट का मामला अधर में लटक जाए।
न्याय यात्रा के जनसमर्थन से बैकफुट पर आई सरकार
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पार्टी की तरफ से निकाली जा रही ‘न्याय यात्रा’ को पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी जनसमर्थन मिल रहा है। जनता के इस दबाव से घबराकर जांच की दिशा भटकाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पौड़ी गढ़वाल के चर्चित रिसॉर्ट कांड के बाद से ही जनता उस खास रसूखदार का नाम जानना चाहती है, जिसे कथित ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव अंकिता पर बनाया गया था। धस्माना ने कहा कि विपक्ष सड़क से लेकर विधानसभा तक इस मामले को उठाता रहा है और गवाहों को डराने या चुप कराने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
सीबीआई निष्पक्ष जांच कर दोनों का नार्को टेस्ट कराए
मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए कांग्रेस ने निष्पक्ष कदम उठाने की मांग की है। धस्माना ने कहा कि सच को सामने लाने के लिए जरूरी है कि सीबीआई किसी भी सूरत में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर का नार्को टेस्ट कोर्ट की निगरानी में संपन्न कराए। उन्होंने चेतावनी दी कि मुकदमों की आड़ में अगर मुख्य सुबूतों और साइंटिफिक जांच को दरकिनार किया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन करेंगे।









