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Badrinath Donation Theft : ‘सादे कागज पर अर्जी और मिल गई नौकरी…’ BKTC अध्यक्ष ने बताई आरोपी प्रमोद और गणेश गोदियाल की ‘करीबी’

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देहरादून, 15 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Badrinath Donation Theft : बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार प्रमोद नौटियाल को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। उच्च स्तरीय जांच एजेंसियां इस प्रकरण में काम कर रही हैं। बैकुंठधाम चोरी प्रकरण में कई अन्य नाम भी जांच के दायरे में हैं।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। द्विवेदी ने दावा किया कि नौकरी पर आने से पहले ही प्रमोद नौटियाल सीधे गणेश गोदियाल के संपर्क में था। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है।

13 जून 2003 तक आरोपी प्रमोद नौटियाल ब्लैसनेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मुंबई में कार्यरत था। उसने 13 जून 2003 को एक सादे कागज पर बीकेटीसी अध्यक्ष को नौकरी के लिए आवेदन भेजा। इंटरनेट कार्डिनेटर के पद पर उसे तत्काल अस्थाई नियुक्ति दे दी गई।

कांग्रेस शासनकाल में 14 अगस्त 2012 को शासन से पद स्वीकृत हुए। 28 जून 2013 को इंटरनेट कार्डिनेटर के पद पर उसे नियमित किया गया। नौ जुलाई 2014 को प्रमोद ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर निजी सचिव पद की जिम्मेदारी मांगी।

सात अगस्त 2014 को गोदियाल के कार्यकाल में उसे निजी सचिव का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया। एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ जाकर 23 जनवरी 2018 को गोदियाल ने निजी सचिव के 4600 ग्रेड पे पर प्रमोद को पदोन्नत और समायोजित किया। तत्कालीन अध्यक्ष गोदियाल ने सीईओ को पत्र लिखकर 4600 ग्रेड पे वेतनमान का लाभ प्रमोद को दिलाया।

मंगलवार को यह विवाद सड़क पर आ गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सार्वजनिक बहस की चुनौती लेकर प्रेस क्लब पहुंचे। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी वहां उपस्थित नहीं हुए।

दोपहर साढ़े 12 बजे गोदियाल ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों से भाग रही है। आरोप लगाने वालों को उन्हें सार्वजनिक रूप से साबित करना होगा। वर्तमान मंदिर समिति और सरकार को गायब हुई नोटों की गड्डियों की जवाबदेही लेनी होगी। चोरी का मामला सामने आने पर उसे दबाने की कोशिश हुई।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने प्रेस क्लब में डिबेट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को कोई समय नहीं दिया था। अपनी कमियां छिपानी के लिए गोदियाल प्रोपेगेंडा कर रहे हैं। बहस करनी है तो वे बदरीनाथ या केदारनाथ परिसर में आएं।

गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे बदरीनाथ पहुंची। टीम में गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और निदेशक वित्त चिकित्सा स्वास्थ्य जगत सिंह चौहान शामिल हैं।

टीम ने बदरीनाथ मंदिर परिसर, परिक्रमा पथ के सीसीटीवी कैमरे और चढ़ावा गणना कक्ष का निरीक्षण किया। काउंटिंग रजिस्टर और अन्य दस्तावेज परखे गए। अपराह्न दो बजे टीम वापस लौट गई।

जांच टीम के सदस्य गढ़वाल मंडल विकास निगम के एमडी संदीप तिवारी पूर्व में चमोली के डीएम रहे हैं। उन्होंने दान गणना की प्रक्रिया और दानपात्र तक कर्मियों की पहुंच के तरीकों को परखा। पुरानी सीसीटीवी रिकार्डिंग का अवलोकन किया गया।

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