चमोली, 31 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Badrinath Temple Theft : उत्तराखंड की चमोली पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के सामने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सस्पेंड किए गए पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल ने बड़ा खुलासा किया है। आरोपी ने बद्रीनाथ मंदिर में दान की कथित चोरी में अपनी सीधी भूमिका होने की बात पूरी तरह से कबूल कर ली है।
चार दिन की पुलिस कस्टडी के दौरान अधिकारियों ने गहन तलाशी अभियान चलाया था। इस तलाशी के दौरान उसके पास से चांदी के सिक्के, कीमती गहने, नेपाली करेंसी और भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है।
बद्रीनाथ के एसएचओ महादेव उनियाल ने इस बरामदगी की पुष्टि करते हुए पूरी जानकारी साझा की है। ये सारी संदिग्ध चीजें बद्रीनाथ धाम में नौटियाल को आधिकारिक तौर पर अलॉट किए गए आवास के भीतर से मिली हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसके कमरे की तलाशी के दौरान चांदी के सिक्के, चांदी की छोटी मूर्तियां और चांदी के छोटे कछुए मिले। इसके अलावा वहां नेपाली करेंसी नोटों की गड्डियां और कुछ नकद रुपये भी छुपाकर रखे गए थे।
स्थानीय जांच टीम अब इस बात की कड़ाई से पड़ताल कर रही है कि इन तमाम बरामद वस्तुओं का सीधा संबंध मंदिर के दान में हुई कथित हेराफेरी से है या नहीं। पूछताछ के लंबे दौर के दौरान आरोपी नौटियाल ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
पुलिस ने कस्टडी के दौरान नौटियाल की तमाम संपत्तियों से जुड़े हुए जरूरी दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। इन कागजातों को जब्त करने का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि आखिर इन संपत्तियों को किस तरह से और किन जरियों से हासिल किया गया था।
एसएचओ के अनुसार पूछताछ के इस पूरे चरण में नौटियाल ने किसी अन्य सह-आरोपी के शामिल होने की बात से इंकार किया है। उसने अपने बयान में पुष्टि की है कि इस पूरे कृत्य में फिलहाल किसी दूसरे व्यक्ति की सीधी संलिप्तता सामने नहीं आई है।
पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया था। अदालत में पेश करने के बाद उसे वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जहां मामले की अगली प्रक्रिया चल रही है।
चार दिन की इस विशेष रिमांड के दौरान एसआईटी की टीम जांच को आगे बढ़ाने के लिए कई जगहों पर गई थी। टीम नौटियाल को बीकेटीसी ऑफिस, देहरादून में उनके घर और बद्रीनाथ में उनके रहने के स्थान पर लेकर गई थी।
प्रमोद नौटियाल को बीती 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और वह बद्रीनाथ मंदिर में अपनी जिम्मेदारियों को संभाल रहा था। उसकी मुख्य जिम्मेदारी मंदिर में आने वाले वीआईपी मेहमानों के प्रोटोकॉल का तालमेल बिठाना और दान की गिनती की देखरेख करना था।
जांचकर्ता इस महत्वपूर्ण पहलू की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं कि वीआईपी दर्शन के नाम पर इकट्ठा किए गए फंड को किस तरह से संभाला जाता था। इस बात का भी आकलन किया जा रहा है कि इस व्यवस्था की आड़ में गड़बड़ी कैसे की गई।
बद्रीनाथ मंदिर में दान की कथित चोरी के इस पूरे मामले की जांच अब कई स्तरों पर एक साथ चल रही है। बीकेटीसी की तरफ से बनाई गई चार सदस्यों वाली आंतरिक समिति ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट समिति के चेयरमैन को सौंप दी है।
पुलिस विभाग की ओर से एक विशेष एसआईटी इस पूरे मामले की परतें उधेड़ने में जुटी हुई है। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार की तरफ से गठित एक उच्च-स्तरीय समिति भी इस मामले की पूरी तरह से स्वतंत्र जांच कर रही है।









