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सावधान! उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर नहीं लगवाया तो 48 घंटे में कटेगा बिजली कनेक्शन, नोटिस जारी

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देहरादून, 24 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)।

ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बुधवार को सुभाष नगर इलाके में विशेष टीम के साथ सीधे जमीन पर उतरने का फैसला किया है। बकायेदारों और गड़बड़ मीटर वाले उपभोक्ताओं पर सीधे विधिक कार्रवाई की जा रही है। आज सुबह से ही इस इलाके में नए मीटर लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस थमाने की रफ्तार तेज कर दी गई है।

विभागीय अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में व्यवधान पैदा किया तो उनका कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा। हल्द्वानी के अलग-अलग हिस्सों में उपभोक्ताओं को सिर्फ 48 घंटे की मोहलत दी गई है। सरकारी काम में बाधा डालने और कार्मिकों से उलझने वालों से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस से सीधी मदद मांगी गई है।

ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को लिखे पत्र में साफ कहा है कि फील्ड में तैनात कर्मचारियों के साथ कई जगह तीखी नोकझोंक हो रही है। कानून व्यवस्था बिगड़ने और कार्मिकों पर हमले के खतरे को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच मीटर बदले जाएंगे। पुराने और खराब मीटरों को पूरी तरह से सिस्टम से बाहर करने का काम अब युद्धस्तर पर चल रहा है।

केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। ऊर्जा निगम इसी नए केंद्रीय नियम को इस पूरी सख्ती का कानूनी आधार बना रहा है। इस कानून के प्रावधानों के मुताबिक जिन भी रिहायशी या व्यावसायिक क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी पूरी तरह उपलब्ध है, वहां मैनुअल मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है।

उपभोक्ता इस अनिवार्य व्यवस्था का जमीन पर लगातार तीखा विरोध कर रहे हैं। बमोरी मल्ली क्षेत्र के स्थानीय पार्षद मुकुल बल्यूटिया ने ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक पूरे बिजली महकमे और तमाम अन्य सरकारी विभागों को कॉरपोरेट कंपनियों के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है। निजी कंपनियों के मीटरों को जबरन थोपने के लिए आम जनता को डराया-धमकाया जा रहा है।

ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष गोपाल अधिकारी ने इस पूरे मामले को लेकर एक आपात बैठक बुलाई थी। इस सांगठनिक बैठक में सभी ग्राम प्रधानों ने सर्वसम्मति से एक सामूहिक प्रस्ताव पारित कर आर-पार की जंग का ऐलान किया है। जब तक बिजली उपभोक्ताओं की पुरानी सभी तकनीकी आशंकाओं और बिलिंग संबंधी दिक्कतों का निपटारा नहीं होता, तब तक ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर घुसने नहीं दिए जाएंगे।

युवा मोर्चा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत साहू ने भी इस विवाद में कूदते हुए सीधे सरकार को आड़े हाथों लिया है। हेमंत साहू का दावा है कि जिन घरों में नए स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं वहां सामान्य से तीन गुना अधिक बिल आ रहे हैं। इस एकतरफा तानाशाही कार्रवाई के खिलाफ अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है।

ऊर्जा निगम ने अपनी ओर से स्पष्ट किया है कि 48 घंटे की समयसीमा खत्म होते ही बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाएगी। अधिशासी अभियंता ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी टीमों का फील्ड में पूरा सहयोग करें ताकि बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चलती रहे।

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