---Advertisement---

Delhi Dehradun Expressway पर जा रहे हैं तो सावधान, नई गाइडलाइन हुई जारी

---Advertisement---

देहरादून, 1 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Delhi Dehradun Expressway : उत्तराखंड परिवहन विभाग ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे भीषण हादसों पर ब्रेक लगाने के लिए नई सख्त एडवाइजरी लागू कर दी है। देहरादून में उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक्सप्रेसवे पर सफर शुरू करने से पहले ही वाहन चालकों को अपना एंट्री और एग्जिट पॉइंट पूरी तरह से प्लान करना होगा।

नियमों को ताक पर रखकर रफ्तार भरने वाले वाहनों पर विभाग ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है। एक्सप्रेसवे पर कारों की अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के लिए यह लिमिट 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। तय सीमा से अधिक रफ्तार में दौड़ने वाली गाड़ियों को इलेक्ट्रॉनिक कैमरों से स्कैन करके सीधे उनके पते पर ई-चालान भेजे जा रहे हैं।

दून में प्रवेश करते समय भौगोलिक परिस्थितियां बदल जाती हैं। आशारोड़ी चेकपोस्ट के पास तीव्र ढाल और डाटकाली मंदिर के करीब स्थित टनल से गुजरते समय वाहनों की लाइट अनिवार्य रूप से ऑन रखनी होगी। राजाजी नेशनल पार्क से सटे जंगली इलाके में सफर के दौरान बेवजह हॉर्न बजाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। रात के वक्त सड़क पार करने वाले वन्यजीवों से बचाव के लिए चालकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है।

हाई-वे पर सफर को लेकर विभाग ने ड्राइविंग के कई बुनियादी नियम भी कड़े कर दिए हैं। एक्सप्रेस-वे के बीच रास्ते में अचानक गाड़ी रोकना, यू-टर्न लेना, रिवर्स गियर में गाड़ी पीछे करना या गलत दिशा में ड्राइविंग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। रूट पर फिलहाल पेट्रोल पंप और गैराज जैसी अहम सुविधाएं विकसित होने के चरण में हैं। सफर पर निकलने से पहले गाड़ी की पूरी सर्विसिंग, टैंक में पर्याप्त ईंधन और टायरों में मानक के अनुरूप एयर प्रेशर की जांच करना अब बेहद जरूरी है।

सहारनपुर में बीते शुक्रवार शाम हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे का वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने यह त्वरित कार्रवाई की है। हरियाणा से उत्तराखंड के हरिद्वार जा रही एक पारिवारिक कार को पीछे से आ रही बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मारी थी।

यह भिड़ंत इतनी खौफनाक थी कि आगे चल रही कार टक्कर लगने के बाद लगभग दस फीट हवा में उछल गई। सड़क पर धड़ाम से गिरते ही कार के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे यात्रियों का शरीर लोहे के ढांचे में बुरी तरह फंस गया।

इस दर्दनाक दुर्घटना में सोनीपत जिले के मंडारा गांव के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। जान गंवाने वालों में 40 वर्षीय प्रवीण कुमार, उनकी 37 वर्षीय पत्नी प्रीति, 71 वर्षीय बुजुर्ग मां सुदेश और महज 9 साल का मासूम भतीजा शिवांस शामिल थे। हादसे के वक्त कार में मौजूद तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment