देहरादून में किरायेदार का सत्यापन न कराने वाले 66 मकान मालिकों पर 6.6 लाख का जुर्माना। रायपुर व पटेलनगर में 900 लोगों की जांच और 30 संदिग्ध हिरासत में।
देहरादून (15 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून में बिना पुलिस सत्यापन किरायेदार और घरेलू नौकर रखने वाले मकान मालिकों पर पुलिस का डंडा चल गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पटेलनगर और रायपुर थाना क्षेत्रों में चले बड़े चेकिंग अभियान में पुलिस ने 66 मकान मालिकों पर 83 पुलिस एक्ट के तहत कुल 6 लाख 60 हजार रुपये का भारी जुर्माना ठोका है।
यानी प्रत्येक लापरवाह मकान मालिक को 10-10 हजार रुपये का चालान भरना पड़ा है। त्योहारी सीजन से पहले शहर की सुरक्षा चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस टीमों ने अचानक कॉलोनियों में दबिश दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
किरायेदार का सत्यापन नहीं कराया तो दस हजार जुर्माना
देहरादून पुलिस के अनुसार, शहर के बाहरी इलाकों और घनी बस्तियों में बिना पहचान पत्र और बिना पुलिस जांच के लोगों को किराये पर रखने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को देखते हुए रायपुर और पटेलनगर थाने की अलग-अलग टीमों ने संयुक्त अभियान छेड़ा। जांच के दौरान 900 से अधिक किरायेदारों और बाहरी कामगारों के दस्तावेजों की मौके पर ही पड़ताल की गई।
जिन मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों और घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था, पुलिस ने मौके पर ही उनके चालान काटे। पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों में ढिलाई बरतने वालों को अब कोई मोहलत नहीं मिलेगी।
पुलिस एक्ट की धारा 83 में नपे मकान मालिक
उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत हर भवन स्वामी के लिए अपने किरायेदार, पेइंग गेस्ट और घरेलू नौकरों का पुलिस सत्यापन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन करने पर सीधे 10 हजार रुपये के अदालती या पुलिस चालान का प्रावधान है। अक्सर मकान मालिक किराये के लालच में पहचान पत्रों की अनदेखी कर देते हैं, जिससे आपराधिक तत्वों को छिपने का मौका मिल जाता है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी बिना सत्यापन वाले किरायेदार की किसी जुर्म में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित मकान मालिक के खिलाफ भी कानूनी धाराओं में सह-आरोपी के तौर पर जांच की जा सकती है।
हिरासत में 30 संदिग्ध, जमानत वाले अपराधियों पर शिकंजा
इस व्यापक अभियान के दौरान पुलिस केवल किरायेदारों की जांच तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि विभिन्न मुकदमों में जेल से जमानत पर बाहर चल रहे 23 पुराने आरोपियों के घरों पर जाकर उनका भौतिक सत्यापन भी किया गया। पुलिस ने इन सभी को दोबारा किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल न होने की अंतिम चेतावनी दी।
वहीं, चौराहों और गलियों में बिना किसी ठोस वजह के संदिग्ध हालत में घूम रहे 30 लोगों को हिरासत में लेकर संबंधित थानों में लाया गया। थाने में उनके फिंगरप्रिंट, मूल पते और आपराधिक रिकॉर्ड की गहनता से पड़ताल की गई। पुलिस का यह सत्यापन अभियान आने वाले दिनों में शहर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।









