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Beatles Rishikesh : ऑस्कर विजेता सैम मेंडेस ऋषिकेश में शूट करेंगे बीटल्स पर 4 हॉलीवुड फिल्में

ऑस्कर विजेता सैम मेंडेस ऋषिकेश स्थित चौरासी कुटिया में बीटल्स पर 4 हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग करेंगे। मुख्यमंत्री धामी से मिले अंतरराष्ट्रीय निर्माता।

देहरादून (18 अक्टूबर) : विश्वप्रसिद्ध ब्रिटिश रॉक बैंड ‘द बीटल्स’ की 1968 की ऐतिहासिक ऋषिकेश यात्रा अब हॉलीवुड के सबसे बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट के जरिए दुनिया के 70 एमएम पर्दे पर उतरने जा रही है। ऑस्कर पुरस्कार विजेता निर्देशक सर सैम मेंडेस ऋषिकेश के राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक ‘चौरासी कुटिया’ (बीटल्स आश्रम) में अपनी महत्वाकांक्षी 4-फिल्म श्रृंखला की शूटिंग करेंगे।

प्रोजेक्ट ‘क्लोवर’ के तहत बनने वाली इस मेगा इंटरनेशनल सीरीज को लेकर बाफ्टा-नामित ब्रिटिश निर्माता एलेक्जेंड्रा डर्बीशायर और भारतीय निर्माता दिलीप सिंह राठौर के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अंतिम रूपरेखा साझा की।

ऋषिकेश के बीटल्स आश्रम में शूट होंगी चार अंतरराष्ट्रीय फिल्में

सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट और नील स्ट्रीट प्रोडक्शंस के बैनर तले बन रही इस परियोजना का नाम ‘द बीटल्स – ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट’ रखा गया है। फिल्म की शूटिंग फरवरी 2027 में ऋषिकेश के चौरासी कुटिया परिसर में तय की गई है, जिसे अप्रैल 2028 में दुनिया भर के थियेटरों में एक साथ रिलीज करने की योजना है।

इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि बैंड के चारों सदस्यों-जॉन लेनन, पॉल मेकार्टनी, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार-के नजरिए से चार अलग-अलग पूर्ण फिल्में तैयार की जाएंगी। भारत में प्रोडक्शन का जिम्मा संभाल रही कंपनी ‘ऑन द रोड इंडिया’ के मुताबिक, इस शूटिंग शेड्यूल में 100 से अधिक विदेशी क्रू और करीब 150 भारतीय क्रू मेंबर्स शामिल रहेंगे, जिसमें स्थानीय कलाकारों व तकनीशियनों को भी सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा।

महर्षि महेश योगी के आश्रम से जुड़ा है ऐतिहासिक संदर्भ

ऋषिकेश और बीटल्स का जुड़ाव संगीत इतिहास का सबसे चर्चित अध्याय माना जाता है। फरवरी 1968 में बीटल्स बैंड के चारों सदस्य ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (भावातीत ध्यान) सीखने महर्षि महेश योगी के इसी आश्रम पहुंचे थे। आश्रम में बिताए चंद हफ्तों के दौरान ही बैंड ने अपने सबसे मशहूर ‘व्हाइट एल्बम’ (The White Album) के करीब 48 गानों की धुनें तैयार की थीं।

दशकों तक उपेक्षित और वन विभाग के दायरे में बंद रहने के बाद साल 2015 में इस आश्रम को ‘चौरासी कुटिया’ के रूप में पर्यटकों के लिए दोबारा खोला गया था। अब सैम मेंडेस का यह प्रोडक्शन उसी मूल लोकेशन पर उस दौर के संगीत सृजन और भारतीय दर्शन के असर को फिर से पर्दे पर जीवंत करेगा।

स्थानीय रोजगार और वैश्विक पर्यटन पर पड़ेगा सीधा असर 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की ‘उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024’ के तहत सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इस शूटिंग से टिहरी, पौड़ी और देहरादून से सटे ऋषिकेश बेल्ट में होटल इंडस्ट्री, स्थानीय ट्रांसपोर्ट और गाइड सेवाओं को बड़ा आर्थिक फायदा मिलने की उम्मीद है।

वहीं, राजाजी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन में स्थित होने के कारण वन विभाग भी शूटिंग के दौरान वन्यजीव नियमों के सख्त पालन के लिए विशेष एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मेगा प्रोजेक्ट के आने से उत्तराखंड को सीधे तौर पर ग्लोबल फिल्म टूरिज्म मैप पर बड़ी बढ़त मिलेगी।

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