देहरादून पुलिस ने पटेलनगर में सत्यापन अभियान चलाकर 30 मकान मालिकों पर 3 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। 400 से अधिक बाहरी लोगों की जांच की गई।
देहरादून (27 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून में बिना पुलिस सत्यापन किराएदार और घरेलू नौकर रखना मकान मालिकों को भारी पड़ गया है। एसएसपी के सख्त आदेशों के बाद कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने मंगलवार को क्षेत्र के चार बड़े रिहायशी इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर 30 भवन स्वामियों पर उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत 3 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया। पुलिस ने इस दौरान 400 से अधिक बाहरी नागरिकों और किराएदारों के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें नियमों की खुली अनदेखी सामने आई।
पटेलनगर में 30 मकान मालिकों पर 3 लाख जुर्माना
कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र अंतर्गत लोहियानगर, चमनपुरी, ब्रह्मपुरी और मेहूवाला में सुबह से ही पुलिस की अलग-अलग टीमों ने घर-घर जाकर दस्तक दी। चेकिंग के दौरान 30 ऐसे भवन स्वामी चिह्नित किए गए जिन्होंने अपने यहां रह रहे बाहरी किराएदारों और घरेलू सहायकों की कोई भी जानकारी संबंधित थाने में दर्ज नहीं कराई थी।
पुलिस टीमों ने मौके पर ही प्रत्येक लापरवाह मकान मालिक के खिलाफ 10-10 हजार रुपये के चालान काटते हुए कुल 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोहियानगर से मेहूवाला तक चला सघन चेकिंग अभियान
शहर में अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के लिए एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को सत्यापन में कोताही न बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं। पटेलनगर क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है, जहां बड़ी संख्या में बाहरी लोग किराए पर रहते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन न होने से कई बार आपराधिक वारदातों के बाद आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इसी को देखते हुए पुलिस टीमों ने पूरी लिस्ट बनाकर एक-एक मोहल्ले की भौतिक पड़ताल की और मकान मालिकों को फॉर्म भरकर थाने में जमा कराने का अल्टीमेटम दिया।
जमानत पर छूटे आठ अपराधियों को सख्त चेतावनी
इस व्यापक अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल किराएदारों का रिकॉर्ड खंगाला, बल्कि पूर्व में आपराधिक वारदातों में लिप्त रहे और वर्तमान में जमानत पर चल रहे 8 अभियुक्तों का भी मौके पर भौतिक सत्यापन किया। पुलिस अफसरों ने इन सभी की वर्तमान गतिविधियों, आजीविका के साधनों और दैनिक आवाजाही की बारीकी से जांच की। पुलिस ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि कोई भी अभियुक्त दोबारा किसी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया, तो उसकी जमानत निरस्त कराकर सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।









