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स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की बड़ी घोषणा, 2026 तक शत-प्रतिशत भरे जाएंगे डॉक्टरों के खाली पद

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देहरादून, 1 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

उत्तराखंड के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में बुधवार को आयोजित नेशनल डॉक्टर्स डे कार्यक्रम में प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने यह बड़ा ऐलान किया। इन केंद्रों के जरिए राज्य के सरकारी डॉक्टरों को चिकित्सा जगत में एआई तकनीक से जुड़ी तमाम भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए सीधा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शासन ने स्वास्थ्य महकमे में सालों से अटकी नियुक्तियों और प्रमोशन के लिए अंतिम समय सीमा तय कर दी है। सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि मौजूदा वर्ष 2026 के अंत तक राज्य के हर सरकारी मेडिकल कॉलेज में खाली पदों पर 100% नियुक्तियां कर ली जाएंगी। डॉक्टरों की रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को भी बिना किसी देरी के इसी तय डेडलाइन के भीतर पूरी तरह निपटा लिया जाएगा।

दून मेडिकल कॉलेज के खचाखच भरे ऑडिटोरियम में आयोजित पांचवें ‘डॉक्टर ऑफ़ द ईयर’ सम्मान समारोह में कुल 32 उत्कृष्ट डॉक्टरों को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लंबी सेवा के लिए तीन वरिष्ठ चिकित्सकों को सीधे ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ की ट्रॉफी देकर उनका सम्मान बढ़ाया गया। विभाग में शानदार प्रशासनिक और विभागीय क्षमता दिखाने वाले तीन अन्य चिकित्सकों ने ‘आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड’ हासिल किया।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे अस्पतालों के लिए सरकार ने अलग से काडर बनाने का फैसला लिया है। मंत्री ने कहा कि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का यह नया काडर सीधे तौर पर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विशेषज्ञता को नई मजबूती देगा। इस व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात मेडिकल स्टाफ की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा।

ओपीडी की भीड़ और इमरजेंसी ड्यूटी के भारी दबाव के बीच डॉक्टरों की मानसिक सेहत को लेकर नई गाइडलाइन लागू की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को अपने-अपने कैंपस में योग एवं ध्यान की गतिविधियों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने का सख्त निर्देश दिया। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों से लेकर सीनियर डॉक्टरों तक सभी को मानसिक रूप से संतुलित और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई है।

प्रदेश सरकार वर्तमान में अस्पतालों के भीतर आधुनिक संसाधनों की खरीद और स्वास्थ्य कर्मियों के कल्याण के लिए अलग से बजट तैयार कर रही है। कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों चिकित्सा कर्मियों से सीधा संवाद करते हुए सुबोध उनियाल ने विभागीय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया। सरकार डॉक्टरों के लिए अस्पतालों में एक सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की नीति पर काम कर रही है।

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