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BKTC Land Scam : केदारनाथ और बदरीनाथ मार्ग पर 10 रुपये महीने के किराए पर कब्जा जमाए बैठे हैं लोग, किराया देना भी किया बंद

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देहरादून, 11 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

BKTC Land Scam : बदरीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर मंदिर समिति के सैकड़ों भवनों और दुकानों पर सालों से अवैध रूप से लोग काबिज हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन बेशकीमती दुकानों और भवनों का किराया महज 10 रुपये से लेकर 50 रुपये महीना है।

कई सालों से काबिज लोगों ने यह नाममात्र का किराया भी मंदिर समिति को नहीं चुकाया है। इन सभी संपत्तियों की लीज अवधि बहुत पहले ही खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद लोग जमीनों और दुकानों को खाली करने को तैयार नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंदिर समिति की 11020 वर्ग फीट की प्राइम लैंड मौजूद है। इस कीमती जमीन पर इस समय एक जर्जर भवन खड़ा है जिस पर विवाद चल रहा है।

बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने माना कि समिति अब तक सिर्फ नोटिस देकर शांत बैठी रही और जमीनें हाथ से निकलती गईं।

मंदिर समिति ने अब तक कुल 185 अवैध कब्जाधारियों को कार्रवाई के लिए कानूनी नोटिस जारी किए हैं। स्थानीय जिला प्रशासनों के साथ सालों से सिर्फ कागजी पत्राचार चल रहा है।

धरातल पर अभी तक जमीनों का न तो सीमांकन कराया जा सका है और न ही कब्जे छुड़ाने के कोई ठोस प्रयास हुए। बीकेटीसी सीईओ ने अब साफ किया है कि इन सभी मामलों में सख्ती से बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा सीजन चलने के कारण पिछले महीनों में इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए बड़े प्रयास नहीं हो सके थे। यात्रा का मुख्य दौर बीतने के बाद अब जमीनों को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा।

मंदिर समिति के सिर्फ दान-चढ़ावे में ही गड़बड़ी नहीं हो रही है। देश के अलग-अलग राज्यों में फैली समिति की अरबों रुपये की संपत्तियां पिछले 10 सालों से खुर्दबुर्द की जा रही हैं।

अवैध कब्जे की चपेट में आई ये संपत्तियां देहरादून, हल्द्वानी, रामनगर, लखनऊ से लेकर सीधे महाराष्ट्र तक फैली हुई हैं। ये सभी जमीनों के टुकड़े शहरों के सबसे महंगे और प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं।

देहरादून के कारगी, डोभालवाला और कैनाल रोड जैसे पॉश इलाकों में मौजूद मंदिर समिति की जमीनों पर अवैध कब्जे हो रखे हैं। रामनगर में समिति की 42 बीघा जमीन भू-माफियाओं और स्थानीय लोगों द्वारा खुर्दबुर्द की जा रही है।

चमोली जिला, पांडुकेश्वर और बामणी गांव में भी मंदिर समिति की दुकानों, परिसंपत्तियों और खाली भूखंडों पर अवैध निर्माण खड़े कर लिए गए हैं। हल्द्वानी में मौजूद जमीनों का उपयोग भी समिति अपने स्तर पर नहीं कर पा रही है।

उत्तराखंड से बाहर उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में समिति के स्वामित्व वाली 17 एकड़ कृषि और व्यावसायिक भूमि है। मुरादनगर की इस विशाल भूमि पर भी लंबे समय से गंभीर कानूनी विवाद बना हुआ है।

पूरे देश में बदरी-केदार मंदिर समिति की कुल 3,66,312 वर्ग मीटर भूमि अलग-अलग विवादों और मुकदमों में फंसी है। इस पूरी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का खाका तैयार किया जा रहा है।

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