---Advertisement---

उत्तरकाशी के मोरी में 200 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो कैंपर, 1 की मौत और 11 घायल

---Advertisement---

दून हॉराइज़न, उत्तरकाशी (16 सितंबर): सीमांत जनपद उत्तरकाशी (Uttarkashi) के मोरी ब्लॉक स्थित फतेहपर्वत पट्टी से मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। प्रसिद्ध धार्मिक जागड़ा मेले की खुशियां उस वक्त मातम में तब्दील हो गईं, जब मेले से लौट रहे ग्रामीणों से खचाखच भरी एक बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में समा गई। हादसे में हड़वाड़ी गांव के एक अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार तीन महिलाओं और चालक समेत 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

200 मीटर गहरी खाई में गिरी गाड़ी, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

हादसा खन्यासणी-पुजेली ग्रामीण मोटर मार्ग पर घटा। हड़वाड़ी और आसपास के ग्रामीण खन्यासणी गांव में आयोजित पारंपरिक जागड़ा पर्व में शामिल होने पहुंचे थे। शाम ढलते ही 12 लोग बोलेरो कैंपर (UK 07 C 5821) में सवार होकर घर वापसी की राह पर थे। अभी वाहन खन्यासणी और पुजेली के बीच पहुंचा ही था कि अचानक चालक अनिल नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सीधा ढलान से नीचे लुढ़कती चली गई।

गाड़ी गिरते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के खेतों और घरों में मौजूद ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। स्थानीय युवाओं ने जान जोखिम में डालकर 200 मीटर नीचे खाई में उतरकर मलबे में तब्दील हो चुके वाहन से घायलों को निकाला। देर शाम करीब 7 बजे तक सभी को निजी संसाधनों और कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक लाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मोरी पहुंचाया गया।

उपेंद्र सिंह की मौके पर मौत, 9 गंभीर घायल देहरादून रेफर

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने हड़वाड़ी निवासी 52 वर्षीय उपेंद्र सिंह पुत्र बेगा सिंह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उनके सिर और छाती में गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं। दुर्घटना में घायल अन्य 11 लोगों में मस्तू (45), साइकिलू (35), जगमोहन (50), शिशपाली (32), केदार (60)—सभी निवासी हड़वाड़ी—के अलावा बरी गांव के अरविंद्र सिंह (23) व रमेश (40), पुजेली की राधा (28) व माधी देवी (35), चालक अनिल और योगेश शामिल हैं।

सीएचसी मोरी के चिकित्सा दल ने प्राथमिक ड्रेसिंग और स्थिरीकरण के बाद 9 गंभीर घायलों को तत्काल हायर सेंटर (Higher Center) देहरादून के लिए रेफर कर दिया। पर्वतीय इलाकों में रात के वक्त एंबुलेंस से देहरादून की 180 किलोमीटर से अधिक की पहाड़ी यात्रा इन घायलों के परिजनों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

नेटवर्क ठप होने से बिगड़े हालात, खस्ताहाल सड़क पर फूटा आक्रोश

घटना के वक्त इलाके में तेज बारिश हो रही थी। बारिश के साथ ही सीमांत मोरी क्षेत्र के अधिकांश मोबाइल टावरों का सिग्नल गायब हो गया। इस दूरसंचार विफलता का नतीजा यह रहा कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को हादसे की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। काफी देर बाद जब राजस्व और पुलिस प्रशासन को खबर मिली, तब तक स्थानीय ग्रामीण बचाव कार्य का बड़ा हिस्सा खुद ही पूरा कर चुके थे।

इस बीच स्थानीय निवासियों का गुस्सा लोक निर्माण विभाग और शासन-प्रशासन पर फूट पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खन्यासणी-पुजेली मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। कच्ची, संकरी और उधड़ी हुई इस सड़क पर कोई क्रैश बैरियर या पैरापेट तक नहीं लगे हैं। बरसात में कीचड़ और भारी फिसलन के कारण यह रास्ता हर रोज हादसों को न्योता देता है। फिलहाल मोरी थाना पुलिस और राजस्व उपनिरीक्षक की संयुक्त टीम वाहन की तकनीकी जांच और घटना के कारणों की विस्तृत पड़ताल कर रही है।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment