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Breaking News : मसूरी नगर पालिका को मिली बम से उड़ाने की धमकी, एजेंसियां अलर्ट

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मसूरी, 22 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)। मसूरी कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका परिषद कार्यालय के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा करते हुए हर आने-जाने वाले की निगरानी तेज कर दी है। खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें परिसर के कोने-कोने को खंगाल रही हैं।

यह पूरी हलचल नगर पालिका परिषद मसूरी और उप जिलाधिकारी कार्यालय के ऑफिशियल ईमेल पते पर आए एक बेहद संवेदनशील और आपत्तिजनक संदेश के बाद शुरू हुई। इस धमकी भरे मेल में सीधे तौर पर नगर पालिका कार्यालय को बारूद से उड़ाने की बात लिखी गई है।

इन ठिकानों का मेल में जिक्र

भेजने वाले ने सिर्फ पहाड़ों की रानी को ही निशाने पर नहीं लिया है बल्कि उत्तराखंड के कई बड़े और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों समेत सूबे के कई बेहद महत्वपूर्ण स्थानों की एक सूची इस मेल में डाली है। देहरादून और देश की राजधानी दिल्ली के कुछ बेहद संवेदनशील और वीवीआईपी ठिकानों को बम विस्फोट से दहलाने की खुली चेतावनी दी गई है।

मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने मामले की पुष्टि करते हुए साफ किया है कि नगर पालिका से संबंधित एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें विस्फोट करने की बात कही गई है। सुरक्षा के लिहाज से बेहद कड़े कदम उठाए गए हैं और पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम

इस मेल को भेजने वाले ने खुद का संबंध कथित रूप से खालिस्तान नेशनल आर्मी नामक संगठन से बताया है। ईमेल की भाषा बेहद भड़काऊ, आपत्तिजनक और सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने की नीयत से लिखी गई है।

सुरक्षा तंत्र इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहा है कि इस मेल के तार कहां से जुड़े हैं। पुलिस की तकनीकी विंग और साइबर सेल ने मेल का सोर्स पता लगाने के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल यानी आईपी एड्रेस को ट्रैक करना शुरू कर दिया है।

अफवाह या बड़ी साजिश

साइबर विशेषज्ञ इस समय सर्वर डिटेल्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने में जुटे हैं ताकि मेल भेजने वाले सिस्टम की सटीक लोकेशन निकाली जा सके। जांच अधिकारी इस बात को भी ध्यान में रखकर चल रहे हैं कि कहीं यह किसी शरारती तत्व की दहशत फैलाने की कोशिश तो नहीं है।

कोतवाल देवेंद्र चौहान के मुताबिक साइबर विशेषज्ञों की मदद से भेजने वाले समूह या व्यक्ति को चिन्हित करने का काम चल रहा है। जब तक टेक्निकल रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन पुलिस किसी भी इनपुट को हल्के में नहीं ले रही है।

प्रशासनिक स्तर पर स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से किसी भी लावारिस वस्तु, अज्ञात वाहन या संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही फौरन नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करने की अपील की गई है। अधिकारियों ने आम जनता से किसी भी तरह की सोशल मीडिया अफवाहों पर यकीन न करने और शांति बनाए रखने को कहा है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद इस मामले में कड़ी विधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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